तस्वीर में मंदिर के भीतर महिलाएं फूलों से सजे शिवलिंग के समक्ष पूजा-अर्चना करती हुईं।

भुसावर। भरतपुर जिले के ऐतिहासिक शहरों में शामिल भुसावर सहित उपखण्ड मुख्यालय क्षेत्र के ग्रामीण परिक्षेत्र में हरतालिका (हरियाली) तीज का पर्व महिलाओं ने श्रद्धा, उत्साह और आस्था के साथ मनाया। सुहागिन महिलाओं ने पति की दीर्घायु, अखण्ड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला एवं निराहार व्रत रखा और भगवान शिव-पार्वती की आराधना की।

भुसावर के प्रमुख हूंकारेश्वर महादेव मंदिर, कोठी वाले हनुमान जी मंदिर, बरपाड़ा कॉलोनी स्थित अथाई वाले हनुमान जी मंदिर, पंचमुखी हनुमान जी महाराज मंदिर, बड़ वाले शिम्भू हनुमान जी मंदिर, बनखण्डी वाले हनुमान जी मंदिर, पन्जाबी गुरुद्वारा हनुमान जी मंदिर सहित अन्य मंदिरों और शिवालयों में सुहागिन महिलाएं हरे रंग के अलावा रंग-बिरंगे परिधानों और पारंपरिक श्रृंगार में सज-संवरकर पहुंचीं। महिलाओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना में भाग लिया।

महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिरों और शिवालयों में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। महिला श्रद्धालु राधा, चंचल शर्मा, लक्ष्मी और रेणू ने बताया कि हरतालिका (हरियाली) तीज केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि लोक परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है।

महिलाओं ने बताया कि हरतालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। यह व्रत नारी शक्ति, प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक है।

हरतालिका पर्व के अवसर पर मंदिरों और शिवालयों के परिसरों में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। महिलाओं ने शिव परिवार को फूलमालाओं से जलहरी के स्वरूप में सजाया। इसके बाद ढोलक, झांझ और मजीरा की थाप पर भजनों के माध्यम से भगवान को रिझाते हुए अपनी अरदास लगाई। इस दौरान शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक गतिविधियों से पर्व की आस्था और पारंपरिक रंग स्पष्ट दिखाई दिया।

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