भुसावर से 41 शिवभक्त तृतीय डांक कांवड़ यात्रा पर हरिद्वार रवाना, महाशिवरात्रि पर होगा जलाभिषेक
भुसावर से शिव कांवड़ सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में 41 शिवभक्त तृतीय डांक कांवड़ यात्रा के लिए हर की पौड़ी, हरिद्वार रवाना हुए। 08 अगस्त को डांक कांवड़ उठाने के बाद 11 अगस्त महाशिवरात्रि पर शिवालय में गंगाजल से जलाभिषेक और विश्व शांति के लिए हवन किया जाएगा।
तस्वीर में भुसावर में ठाकुर गणेश मंदिर के समीप भगवान शिव के जयकारों के साथ हर की पौड़ी हरिद्वार जाने के लिए एकत्र हुए 41 शिवभक्त नजर आ रहे हैं।
भुसावर। शिव कांवड़ सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में तृतीय डांक कांवड़ यात्रा के तहत 41 शिवभक्तों (कांवड़ियों) का जत्था हर की पौड़ी, हरिद्वार से गंगाजल लेने के लिए रवाना हुआ। रवानगी के दौरान भगवान शिव के जयकारों, शिवमय भजनों और श्रद्धालुओं के उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच कांवड़िए वाहन में सवार होकर हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गए। यात्रा से पूर्व श्रद्धालुओं ने अपने-अपने परिवार के साथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।
शिव भक्तों ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शिव कांवड़ सेवा समिति भुसावर के तत्वावधान में तृतीय शिव डांक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 06 अगस्त, गुरुवार को कस्बे की शहरकी सड़क मार्ग स्थित शिव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शहर परिक्रमा निकाली गई। इसके उपरांत ठाकुर गणेश मंदिर से 41 शिवभक्तों का जत्था वाहन में सवार होकर हर की पौड़ी, हरिद्वार के लिए रवाना हुआ, जहां श्रद्धालु स्नान करने के बाद 08 अगस्त को डांक कांवड़ उठाएंगे।
रवानगी से पूर्व शिवभक्तों ने सैरकी जलाशय के समीप स्थित मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद बैंड-बाजे की मधुर धुनों पर भजनों के साथ नृत्य करते हुए और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए शहर परिक्रमा की गई। श्रद्धालु ठाकुर गणेश जी मंदिर, राजा मंडी के पास पहुंचे, जहां विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मस्तक पर रोली का तिलक लगाकर अपने बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श किए और सकुशल एवं मंगलमय यात्रा के साथ डांक कांवड़ लाने का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात 41 शिवभक्तों का जत्था वाहन में सवार होकर हर की पौड़ी, हरिद्वार के लिए रवाना हो गया।
शिव भक्तों ने यह भी बताया कि 11 अगस्त, सोमवार को सावन माह की महाशिवरात्रि के अवसर पर भोले की मर्जी अनुसार विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ शिवालय में गंगाजल से जलाभिषेक किया जाएगा। साथ ही विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना के साथ आयोजित हवन में आहुतियां भी प्रदान की जाएंगी।