भरतपुर जिले के भुसावर उपखंड क्षेत्र स्थित गांव घाटरी क्रेशर जोन में क्रेशर संचालकों ने बुधवार से क्रेशर बचाओ, रोजगार बचाओ की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह धरना ग्रामीण जनों की ओर से अवैध रूप से संचालित क्रेशरों को बंद कराने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के विरोध में शुरू किया गया है।

घाटरी कारवान में संचालित क्रेशर संचालकों ने ग्रामीणों के धरने के विरोध में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया। धरने की सूचना मिलने पर पूर्व सांसद पंडित रामकिशन मौके पर पहुंचे और क्रेशर संचालकों की बात सुनी। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से चल रही क्रेशरों को बंद किया जाना चाहिए और वैधानिक क्रेशरों का संचालन किया जाना चाहिए।

क्रेशर बचाओ, रोजगार बचाओ को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे क्रेशर संचालक बंटी शर्मा, जीतेंद्र कुमार तिवाड़ी सहित अन्य संचालकों ने बताया कि गांव घाटरी में अवैध खनन एवं अवैध क्रेशर संचालन को बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीण जन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, जो अवैधानिक है।

उन्होंने बताया कि घाटरी क्रेशर जोन में संचालित क्रेशर सरकारी शर्तों के अनुसार चल रही हैं और कोई भी क्रेशर अवैध रूप से संचालित नहीं हो रही है। क्रेशर संचालकों ने बताया कि वर्ष 2016 में कुछ ग्रामीण जनों ने राजस्थान हाई कोर्ट में पीएलआई याचिका दायर की थी, जिसे बाद में ग्रामीण जनों ने ले देकर वापस ले लिया था। अब कुछ ग्रामीण जन अवैध वसूली करने के इरादे से इन क्रेशरों को अवैध बता रहे हैं, जो गलत है।

क्रेशर संचालकों ने बताया कि राजस्थान सरकार के खनिज विभाग की ओर से जिस स्थान पर लीज जारी की गई है, उसी स्थान पर पत्थर खनन का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वाहनों से उड़ने वाली धूल से बचाव के लिए आबादी क्षेत्रों में पानी के टैंकरों से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से क्रेशर जोन में पेड़ भी लगाए गए हैं।

क्रेशर संचालकों ने कहा कि भुसावर उपखंड क्षेत्र के गांव कारवान एवं घाटरी क्रेशर जोन में लगी क्रेशरों से हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार मिला हुआ है, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। साथ ही इससे सरकार को भी राजस्व का लाभ मिल रहा है।

इधर भुसावर प्रशासन ने बताया कि क्रेशर जोन में संचालित क्रेशरों की जांच कराई जाएगी। प्रशासन के अनुसार क्रेशर संचालकों की ओर से अवैध खनन कार्य कराए जाने और बिना कन्वर्जन के क्रेशर संचालित किए जाने की जांच की जाएगी। जांच में अवैध पाए जाने पर संबंधित क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।a

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