वंदे मातरम् भारत की आत्मा, स्वाधीनता का अमर मंत्र : नवीन कुमार झा
छबड़ा में विद्या भारती की तीन दिवसीय संकुल प्रमुख बैठक का समापन हुआ, जहां नवीन कुमार झा ने वंदे मातरम् के महत्व पर विचार रखे।
तस्वीर में आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, छबड़ा के मंच पर संगीत प्रस्तुति देते हुए छात्र नजर आ रहे हैं।
विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के मार्गदर्शन में आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, छबड़ा में आयोजित संकुल प्रमुखों की तीन दिवसीय बैठक का गरिमामय समापन हुआ। समापन सत्र में संकुल प्रमुखों के दायित्व, संगठनात्मक कार्यों, विद्या भारती अमृत महोत्सव तथा वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के व्यापक आयोजन और उसके उद्देश्यों पर विशेष रूप से मंथन किया गया।
समापन सत्र के मुख्य मार्गदर्शक नवीन कुमार झा, प्रांत निरीक्षक, विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत ने संकुल प्रमुखों की भूमिका को संगठन की कार्ययोजना को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि संकुल प्रमुख अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता, संस्कार, संगठनात्मक सक्रियता और समाज सहभागिता को निरंतर सुदृढ़ करें।
प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार झा ने वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के संदर्भ में विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और स्वाधीनता का अमर मंत्र है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के उद्घोष से प्रेरणा लेकर असंख्य क्रांतिकारियों ने राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। यह मंत्र भारतीय जनमानस में राष्ट्रभक्ति, त्याग, समर्पण और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का भाव जागृत करने वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष का आयोजन केवल एक वर्ष का उत्सव नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और भारत की गौरवशाली स्वतंत्रता-गाथा से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी संकुल प्रमुखों से आह्वान किया कि वे इस वर्ष को व्यापक जनसहभागिता एवं विद्यालयीन गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी और स्मरणीय बनाने की दिशा में योजना करें।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अमृत लाल मीणा ने बताया कि समापन अवसर पर विद्यालय के बाल कलाकारों ने संगीता आचार्य राजेंद्र रावल के मार्गदर्शन में स्वर साधना की मनमोहक प्रस्तुति दी। मधुर स्वर लहरियों से पूरा समारोह संगीत एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ तथा समापन सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार शर्मा, जिला सचिव, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी तथा प्रांत एवं जिला स्तर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन भगवान सिंह, प्रधानाचार्य सुनेल ने किया। अंत में प्रांत सचिव मानेंग पटेल ने सभी अतिथियों, संकुल प्रमुखों, कार्यकर्ताओं एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। तीन दिवसीय बैठक के समापन के साथ संकुल प्रमुखों ने संगठनात्मक कार्यों, शैक्षिक गुणवत्ता, संस्कार और वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के आयोजनों को प्रभावी बनाने की दिशा में मंथन किया।