डांगावास हत्याकांड में 40 आरोपी बरी, न्याय की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन
डांगावास हत्याकांड में लगभग 11 साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद सभी 40 आरोपी बरी हो गए। बारां में अनुसूचित जाति विभाग ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर उच्च न्यायालय में अपील, सुरक्षा और उचित मुआवजे की मांग की।
तस्वीर में बारां कार्यालय में अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी और सदस्य अतिरिक्त जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बारां में अनुसूचित जाति विभाग ने नागौर जिले के डांगावास गांव में वर्ष 2015 में हुई दलित समाज के छह व्यक्तियों की निर्मम हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है। अनुसूचित जाति विभाग बारां जिलाध्यक्ष शिमला बैरवा के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि नागौर जिले के डांगावास गांव में 14 मई 2015 को दलित समाज के व्यक्तियों की क्रूरतापूर्वक नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की गई और लगभग 11 वर्षों तक लंबी चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद मेड़ता सिटी एससी-एसटी विशिष्ट न्यायालय का निर्णय आया।
ज्ञापन के अनुसार, न्यायालय ने माना कि हत्या हुई है, लेकिन साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की कमियों के आधार पर सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस निर्णय के बाद पीड़ित परिवार, अनुसूचित जाति वर्ग और पूरे प्रदेश की जनता के मन में गंभीर संवैधानिक सवाल खड़ा हो गया है कि यदि सभी 40 आरोपी न्यायालय से बरी हो गए, तो डांगावास गांव में कुल छह बेकसूर लोगों की निर्मम हत्या किसने की।
अनुसूचित जाति विभाग ने मांग की कि राज्य सरकार एवं सीबीआई को निर्देशित किया जाए कि इस निर्णय के विधिक पहलुओं का गहन परीक्षण कर तुरंत उच्च न्यायालय में पुनर्विचार सक्षम अपील प्रस्तुत की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय मिल सके। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
बारां जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की जिलाध्यक्ष शिमला बैरवा ने कहा कि न्यायालय इस मामले पर पुनर्विचार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।
ज्ञापन देने के दौरान अनुसूचित जाति विभाग के संभागीय प्रभारी सत्यनारायण भूमलिया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव धर्मराज मेहरा, सूरजमल बैरवा, सीताराम मेघवाल, रामेश्वर बैरवा (जिला अध्यक्ष बैरवा समाज), हेमलता सोन, पंकज मेरोठा, ममता मेघवाल, जितेंद्र मेघवाल, सूरज मेघवाल आदि उपस्थित रहे।