पुलिस ने लापता वरिष्ठ नागरिक की तलाश में तेजी लाते हुए उनके पासपोर्ट आकार के फोटो को पहचान और सूचना साझा करने के उद्देश्य से जारी किया।

बारां। शहीद राजमल मीणा राजकीय चिकित्सालय के सेवानिवृत्त वॉर्डबॉय मोहम्मद सुलेमान अंसारी को श्रम न्यायालय का फैसला अपने पक्ष में आने के लगभग पांच साल बाद भी एरियर और वित्तीय लाभ नहीं मिल सके हैं। लंबे समय से अपने हक और न्याय के लिए भटक रहे सुलेमान ने अब जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई और बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) बारां और संबंधित कार्यालय के बाबुओं पर लापरवाही बरतने तथा उच्च स्तर जयपुर से आए पत्रों का जवाब नहीं देने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार राजकीय जिला चिकित्सालय में 01.05.1991 से वॉर्डबॉय के पद पर कार्यरत मोहम्मद सुलेमान अंसारी पुत्र अब्दुल वहाब अंसारी ने नियमित वेतनमान नहीं मिलने पर श्रम न्यायालय की शरण ली थी। श्रम न्यायालय कोटा ने 08.09.2021 को प्रार्थी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए 01.05.1993 से अर्द्धस्थायी और 01.05.2001 से स्थायीकरण करने तथा नियमित वेतन श्रृंखला का लाभ एवं मासिक वेतन श्रृंखला का लाभ देने के आदेश दिए थे।

इसके बाद कार्यालय आदेश क्रमांक स्था/2025/4299 लेटर के तहत प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) द्वारा 31.03.2025 को सुलेमान को 60 वर्ष की आयु में अपनी सेवाएं पूरी करने पर सेवानिवृत्ति दे दी गई। प्रार्थी के अनुसार उन्होंने पूरे मामले में समय-समय पर उच्च स्तरीय अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन कोर्ट के फैसले को लगभग पांच वर्ष और सेवानिवृत्ति को डेढ़ साल यानी 18 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें एरियर और वित्तीय लाभ नहीं मिला है।

पीड़ित सुलेमान का आरोप है कि प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) बारां और संबंधित कार्यालय के कर्मचारी उच्च स्तर जयपुर से आए पत्रों का जवाब नहीं दे रहे हैं और मामले को लगातार टाला जा रहा है। सुलेमान द्वारा जयपुर के उच्चाधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि पीएमओ कार्यालय की ओर से संबंधित पत्रों का कोई जवाब नहीं भेजा गया है।

प्रार्थी का कहना है कि 31.03.2025 के बाद से उनका अंतिम भुगतान भी बंद हो गया है। कमाने का कोई अन्य जरिया नहीं होने के कारण वे उधार लेकर और कर्ज में डूबकर जीवन गुजारने को मजबूर हैं। इससे उन्हें कठिन परेशानी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। सुलेमान का कहना है कि वर्षों पहले भी वे इसी सिस्टम का शिकार हुए थे और काफी दौड़-धूप के बावजूद उनके अरमान पूरे नहीं हुए।

मोहम्मद सुलेमान ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनके बकाया एरियर और मासिक वेतन श्रृंखला का लाभ जल्द से जल्द दिलाया जाए, ताकि उनके परिवार का गुजारा चल सके। श्रम न्यायालय के फैसले के बावजूद लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने का यह मामला अब जिला प्रशासन के समक्ष न्याय की गुहार तक पहुंच गया है।

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