तस्वीर में बारां के राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित गीता स्वाध्याय गोष्ठी के दौरान उपस्थित नवनियुक्त पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक नजर आ रहे हैं।

बारां में गीता के नियमित स्वाध्याय, मनन और जीवनोपयोगी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई। विश्व गीताप्रतिष्ठानम्-राजस्थान के तत्वावधान में शहर के कोटा रोड पर गुरुद्वारे के पास स्थित राजकीय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय में गीता स्वाध्याय एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान बारां जिले में गीता स्वाध्याय मंडल का गठन किया गया और श्रीमद्भगवद्गीता के नियमित अध्ययन, मनन तथा उसके व्यावहारिक संदेश को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया गया।

गोष्ठी में उपस्थित सदस्यों और गणमान्य नागरिकों ने सर्वसम्मति से संस्कृत व्याख्याता कमलेश गोचर को विश्वगीताप्रतिष्ठानम्, बारां का जिला संयोजक, श्रीमती भारती ओझा को महिला प्रमुख तथा श्री कमल मेहता को गीता शिक्षण प्रमुख का दायित्व सौंपा।

नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप बारां जिले में गीता के प्रचार-प्रसार, नियमित स्वाध्याय मंडलों के गठन और समाज के विभिन्न वर्गों तक गीता के जीवनोपयोगी संदेश को पहुंचाने के लिए सक्रियता से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम में विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के केन्द्रीय महामन्त्री डॉ. विष्णु नारायण तिवारी ने विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया और गीता माहात्म्य की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला व्यावहारिक दर्शन है। गीता का नियमित स्वाध्याय व्यक्ति के चिंतन, आचरण और कर्म को परिष्कृत करने के साथ समाज में सकारात्मक एवं संस्कारित वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

डॉ. तिवारी ने प्रत्येक परिवार तक गीता का संदेश पहुंचाने और गीता स्वाध्याय को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।

विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के केन्द्रीय सम्पर्क प्रमुख हरिनारायण शर्मा ने भी गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित गीता स्वाध्याय से व्यक्ति में आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।

गोष्ठी के दौरान गीता स्वाध्याय की परम्परा के अनुरूप कमल मेहता ने सुभाषित, श्रीमती भारती ओझा ने अमृत वचन और हरिनारायण शर्मा ने प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थितजनों को गीता के ज्ञान को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में राजेश पौराणिक, डॉ. पीयूष गुप्ता, तरुण मेहता, श्रीमती सावित्री पौराणिक, श्रीमती सीता शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और गीता-प्रेमी उपस्थित रहे।

नवनियुक्त जिला संयोजक कमलेश गोचर ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बारां जिले में गीता स्वाध्याय मंडलों के विस्तार, नियमित गीता शिक्षण और अधिकाधिक लोगों को गीता के अध्ययन से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गीता के ज्ञान को केवल पाठ तक सीमित न रखकर उसके सिद्धांतों को व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में व्यवहार रूप में उतारना ही स्वाध्याय का वास्तविक उद्देश्य है।

कार्यक्रम का समापन गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और नियमित स्वाध्याय की गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

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