उत्तराखंड स्थापना दिवस 2025 सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इस अवसर पर राज्य की नई योजनाएँ, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और आध्यात्मिक क्षेत्रों में प्रगति को प्रदर्शित किया जाएगा, और समाज के सभी वर्ग प्रेरित होंगे।

उत्तराखंड स्थापना दिवस (Uttarakhand Foundation Day) हर वर्ष 9 नवंबर को उस दिन की स्मृति में मनाया जाता है जब वर्ष 2000 में यह राज्य भारतीय संघ का हिस्सा बना। इससे पहले यह इलाका उत्तर प्रदेश में सम्मिलित था, लेकिन जनता की लंबे समय से जारी मांगों के परिणामस्वरूप इसे एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। प्रत्येक वर्ष इस दिन को एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो राज्य की प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वर्ष 2025 में उत्तराखंड स्थापना दिवस की थीम के सतत विकास, सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण या युवा सशक्तिकरण जैसे विषयों पर केंद्रित होने की संभावना है, जो राज्य के हालिया नीतिगत रुझानों से मेल खाती है। यह थीम पूरे राज्य में होने वाले आयोजनों और चर्चाओं का केंद्र बिंदु बनेगी, जिससे समाज के सभी वर्ग एक साझा उद्देश्य के लिए प्रेरित होंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों और नागरिकों को राज्य की प्रगति के प्रति अपनी आकांक्षाएं व्यक्त करने के लिए निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस अवसर पर की गई घोषणाएँ निम्नलिखित हैं:

  • राज्य में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक समन्वय केंद्र (साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर) स्थापित किया जाएगा।
  • ड्रग्स मुक्त देवभूमि के उद्देश्य से एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार किया जाएगा।
  • राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत माताओं और बच्चों के कल्याण के लिए विशेष कोष की स्थापना की जाएगी।
  • कृषि एवं उद्यान फसलों की सुरक्षा हेतु जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाव के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लागू की जाएगी।
  • प्राकृतिक जल स्त्रोतों जैसे धौरे और नालों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए विशेष संवर्धन योजना शुरू की जाएगी।
  • उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए ऑनलाइन स्किल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं (सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, मैनेजमेंट, नीट आदि) की तैयारी हेतु ऑनलाइन कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
  • केदार खंड मंदिर माला मिशन की तर्ज पर मानसखंड मंदिर मिशन का विकास किया जाएगा।
  • आदर्श चंपावत मॉडल की तरह आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का भी समान विकास किया जाएगा।
  • आध्यात्मिक और आर्थिक क्षेत्र (Spiritual Economic Zone) के रूप में पूर्णागिरि कुमाऊँ, आदि कैलाश और गढ़वाल के अंजनी सेन एवं बेला केदार क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु प्रत्येक जिला अस्पताल में डायबिटीज़ क्लीनिक खोले जाएंगे और 15 वर्ष तक के बच्चों की डायबिटीज स्क्रीनिंग मुफ्त की जाएगी।


उत्तराखंड स्थापना दिवस का उद्देश्य न केवल राज्य की स्थापना का जश्न मनाना है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और सामाजिक प्रगति को भी उजागर करना है।

आयोजन आम तौर पर इस तरह से होते हैं:


१. सरकारी समारोह और परेड

२. सांस्कृतिक कार्यक्रम

  • लोकनृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाती हैं, जो उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और लोककथाओं को दर्शाती हैं।
  • स्थानीय हस्तशिल्प, कला और शिल्प प्रदर्शनी लगाई जाती है।
  • छात्र और युवा गतिविधियाँ

३. धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम

  • कुछ क्षेत्रों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा और भजन संध्या का आयोजन होता है।
  • आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा दिया जाता है।

४. छात्र और युवा गतिविधियाँ

  • स्कूलों और कॉलेजों में निबंध प्रतियोगिताएँ, चित्रकला, भाषण और क्विज प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं।
  • छात्रों को राज्य की प्रगति, पर्यावरण संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है।


Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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