उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर को है। इस साल उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती है। इस अवसर पर शनिवार को देहरादून पुलिस लाइन का माहौल देशभक्ति और गर्व से सराबोर रहा। पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ भव्य रैतिक परेड का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों गणमान्य नेताओं ने परेड का निरीक्षण किया और जवानों की उत्कृष्ट प्रस्तुति को सराहा। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के गौरवशाली 25 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए उत्तराखंड की उपलब्धियों, संघर्षों और भविष्य की दिशा पर अपने विचार साझा किए।

डीजीपी दीपम सेठ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि यह आस्था, सेवा और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि आने वाले वर्षों में अपने राज्य को आदर्श के शिखर पर पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने अपने सेवा भाव और समर्पण से जनविश्वास जीता है और “सेवा परमो धर्म” के आदर्श को अपने कर्म से सिद्ध किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य निर्माण में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों और नागरिकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा हर उत्तराखंडी के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सीएम धामी ने कहा कि राज्य ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को देश के सशक्त राज्यों में शुमार कराया है। प्राकृतिक आपदाओं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तीर्थ यात्राओं के दौरान आने वाली चुनौतियों के बीच उत्तराखंड पुलिस ने सेवा और समर्पण की मिसाल पेश की है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि महिला अपराधों के निस्तारण में उत्तराखंड राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त कर देश में पांचवें स्थान पर रहा है।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी उत्तराखंड पुलिस की आधुनिकता और तकनीकी दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए तैयार किए गए साइबर कमांडो राज्य की सुरक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि मातृशक्ति ने जल, जंगल और पहाड़ों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दिया है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक की भाषा समझें और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर “विकसित भारत” के सपने को साकार करें। राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तराखंड चार धाम से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा केवल विकास की कहानी नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा, संस्कृति और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर संकल्प लें आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएं।

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story