ड्रग्स बेचकर आतंक फंडिंग; SC में फंसे दिल्ली के बिजनेसमैन
सुप्रीम कोर्ट ने 21,000 करोड़ रुपये की मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार दिल्ली के व्यवसायी हरप्रीत तलवार उर्फ कबीर तलवार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार, 13 मई 2025 को कोर्ट ने तलवार को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि वे 6 महीने बाद फिर से जमानत के लिए अर्जी दायर कर सकते हैं।
"दिल्ली के बिजनेसमैन हरप्रीत तलवार पर 21,000 करोड़ रुपये की ड्रग्स तस्करी कर लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप को फिलहाल 'अपरिपक्व' करार दिया है। कोर्ट ने विशेष अदालत को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करे और महीने में दो बार मामले की सुनवाई तय करे।"
आतंक फंडिंग का आरोप 'अपरिपक्व', सुनवाई में तेजी के निर्देश :
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने तलवार पर लगे आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप को 'अपरिपक्व' करार दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने विशेष अदालत को निर्देश दिया कि वह इस मामले की सुनवाई तेजी से निपटाए और महीने में दो बार मामले की सुनवाई सुनिश्चित करे।
लश्कर-ए-तैयबा फंडिंग का दावा :
इससे पहले NIA ने कोर्ट में कहा था कि ड्रग्स की बिक्री से मिली रकम का इस्तेमाल आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों को फंड करने में किया गया। हरप्रीत तलवार, जो दिल्ली में कई क्लब चलाते थे, को अगस्त 2022 में गिरफ्तार किया गया था।
देश की सबसे बड़ी ड्रग्स तस्करी: 21,000 करोड़ की हेरोइन जब्त :
यह मामला 12 सितंबर 2021 को अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते भारत पहुंचे कंटेनरों से जुड़ा है, जिसमें अर्ध-प्रसंस्कृत टैल्क पत्थरों में छिपाकर 2988.21 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इसकी अनुमानित कीमत 21,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने इस बड़ी खेप को पकड़ कर देश की सबसे बड़ी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश किया था।
मामले में अफगान नागरिकों समेत कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच एजेंसियां अब भी कार्रवाई कर रही हैं।
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