उत्तर भारत में फिर एक्टिव हुआ मानसून, उत्तराखंड-UP में भारी बारिश का अलर्ट; हिमाचल में भूस्खलन का खतरा|
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर भारत के किसी शहर में भारी बारिश के दौरान पानी से भरी सड़क पर वाहन चलाते हुए लोग।
उत्तर भारत में मानसून का प्रकोप एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसके चलते पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार सोलह अगस्त को उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां बेहद सक्रिय रहेंगी, विशेषकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है और प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादलों का डेरा बना हुआ है और लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उत्तराखंड के कई जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा गिरने और रास्ते बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे चारधाम यात्रा समेत अन्य स्थानीय यात्राओं पर भी गहरा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को अत्यधिक संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की तरफ यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी ढलानों पर सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मैदानी राज्यों में उत्तर प्रदेश का मौसम सबसे अधिक प्रभावित नजर आ रहा है, जहां राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बरस रहे बादलों के कारण प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित हुई है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में भी मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जहां कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें दर्ज की गई हैं। तेज हवाओं के चलने और अचानक मौसम बदलने से तापमान में गिरावट तो आई है, लेकिन मैदानी इलाकों में जलभराव और आवागमन में आ रही बाधाओं ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयां उत्तर भारत के इन सभी राज्यों में पूरी तरह सतर्क हैं और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ यह मानसूनी दौर जहां एक तरफ गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव जैसी गंभीर चुनौतियों के कारण सभी संबंधित विभागों और नागरिकों के लिए अत्यधिक सावधानी बरतने का संदेश दे रहा है।