केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के दौरान पानी से भरे रास्ते पर चलते लोग|

दक्षिण भारत में मानसून का प्रकोप एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे देश के इस हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 अगस्त को दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का कड़ा अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से केरल और कर्नाटक जैसे राज्यों में मानसूनी गतिविधियां अत्यधिक सक्रिय हो चुकी हैं, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव और जनजीवन के प्रभावित होने की पूरी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर बने मौसमी सिस्टम और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव के कारण बारिश के इस दौर में और अधिक तेजी आई है। केरल के कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (landslide) का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसके अलावा, मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है क्योंकि तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और समुद्र की स्थिति अशाંત रहने की संभावना है।

कर्नाटक के तटीय और मलनाड क्षेत्रों में भी बारिश का भारी असर देखने को मिल रहा है, जहां स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के संबंध में स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं। कर्नाटक के कई हिस्सों में लगातार बरस रहे पानी से जलाशयों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का यह सिलसिला यूं ही बना रह सकता है, जिससे राहत मिलने की फिलहाल कोई खास उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (NDMA) को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है। आम जनता से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और मौसम विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले हर ताजा अपडेट पर कड़ी नजर बनाए रखें ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।