उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान छाते लेकर सड़कों पर चलते स्थानीय लोग और राहगीर।

उत्तर भारत में मानसून का प्रभाव एक बार फिर तेजी से सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अहम चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां काफी तेज हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में भी इस दौर के जारी रहने की पूरी संभावना है। विशेष रूप से पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं, जिससे स्थानीय जनजीवन और आवागमन पर खासा असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसके अलावा, देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रहने के आसार हैं। उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी बादलों का डेरा और हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में हो रही इस लगातार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन पर्वतीय मार्गों पर फिसलन और सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

क्षेत्रीय मौसम केंद्रों और आपदा प्रबंधन विभागों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ या मानसूनी टफ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का मिजाज बदला है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने से पूरी तरह परहेज करें। सुरक्षा के मद्देनजर सभीसंबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।