दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के दौरान सड़क पर चलते लोग और वाहन|

दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज 22 सितंबर को दक्षिण भारत के तटीय और अंदरूनी हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि इन क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं, जिसके चलते प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बरती जा रही है। विशेष तौर पर आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, आज 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश (Coastal Andhra Pradesh) में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rain) होने की पूरी चेतावनी दी गई है। इस क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसके अलावा, कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर आंतरिक कर्नाटक (North Interior Karnataka) और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक (South Interior Karnataka) में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन कर्नाटक के तीनों प्रमुख हिस्सों में भारी वर्षा के साथ-साथ गरज-चमक (thunderstorm) और बिजली गिरने (lightning) की तीव्र घटनाएं देखने को मिल सकती हैं, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दूसरी ओर, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय और अंदरूनी इलाकों में भी मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की विशेष चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इन राज्यों में ऊपरी वायुमंडल में बने मौसमी सिस्टम के कारण बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आम जनता और किसानों से अपील की है कि वे खराब मौसम के इस दौर में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष तौर पर जिन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज या येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहां के नागरिकों को पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। मौसम विभाग लगातार इन सभी प्रभावित राज्यों की गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।