दक्षिण भारत में भारी बारिश के दौरान सड़क पर वाहन चलाते और छाता लिए लोग मौसम विभाग की चेतावनी के संदर्भ में नजर आ रहे हैं|

दक्षिण भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां कई राज्यों में मानसून का असर तेज होने के साथ ही भारी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम अपडेट के अनुसार, दक्षिण भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों में आगामी दिनों में मौसम के तेवर तल्ख बने रहने की पूरी संभावना है। क्षेत्रीय वायुमंडलीय प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण स्थानीय निवासियों और प्रशासनिक तंत्र दोनों को ही सतर्क कर दिया गया है, क्योंकि इस मौसमी हलचल का सीधा प्रभाव जनजीवन पर पड़ना तय माना जा रहा है।

विस्तृत पूर्वानुमान के मोर्चे पर बात करें तो दक्षिणी राज्य केरल में मौसम पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है, लेकिन इसके साथ ही एहतियात बरतने की भी सख्त जरूरत है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, केरल में आज यानी 17 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की जा चुकी है, जिसका सिलसिला यहीं नहीं थमेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 18 और 19 सितंबर को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।

केरल के अलावा कर्नाटक के मौसम में भी महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं। कर्नाटक के दक्षिणी और उत्तरी आंतरिक हिस्सों में आज यानी 17 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में आगे भी भारी बारिश की प्रबल संभावना बताई है, जिससे खेती-किसानी और स्थानीय यातायात पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

दूसरी ओर, तेलंगाना राज्य में भी मौसम का मिजाज करवट ले रहा है। आज तेलंगाना में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनने के आसार हैं, जो आगे चलकर विकराल रूप ले सकते हैं। IMD के पुख्ता अनुमान के अनुसार, 19 सितंबर से राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस लगातार बदलते मौसम के दौर को देखते हुए दक्षिण भारत के इन सभी राज्यों में आपदा प्रबंधन प्रणालियों को भी पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।