गणेशोत्सव के बीच महाराष्ट्र में लौटा मानसूनी रंग: ठाणे-डोंबिवली में भारी बारिश, 25 जिलों में अलर्ट घोषित|
महाराष्ट्र के ठाणे, कल्याण और डोंबिवली में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में बारिश के प्रभाव को दर्शाने वाला मौसम विभाग का सैटेलाइट मानचित्र और डेटा ग्राफिक्स|
महाराष्ट्र के कई जिलों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है और बारिश की वापसी हुई है। सोमवार को ठाणे, कल्याण और डोंबिवली शहरों में जोरदार बारिश दर्ज की गई, जिससे अचानक स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ। पिछले कुछ दिनों से इन इलाकों में बादलों और धूप के बीच केवल हल्की बूंदाबांदी ही हो रही थी, लेकिन सोमवार दोपहर 3 बजे के बाद बारिश ने अचानक जोर पकड़ लिया। लगभग एक से डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद रात तक हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
इस अचानक हुई बारिश ने राज्य में चल रहे गणेशोत्सव के उल्लास को थोड़ा फीका कर दिया है। ठाणे शहर के निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण पानी जमा होने लगा, जिससे नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में यह बदलाव एक सक्रिय प्रणाली के तहत आया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी स्थिति को देखते हुए मंगलवार, 22 सितंबर को महाराष्ट्र के 25 जिलों में बिजली और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। इन सभी जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है। जिन जिलों के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी, नासिक (घाट क्षेत्रों सहित), अहिल्यानगर, पुणे (घाट क्षेत्रों सहित), कोल्हापुर (घाट क्षेत्रों सहित), सतारा (घाट क्षेत्रों सहित), सांगली, सोलापुर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, धाराशिव, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा और यवतमाल शामिल हैं।
दूसरी ओर, मौसम विशेषज्ञ पंजाबराव डाक ने भी अपनी भविष्यवाणियों में स्पष्ट किया है कि धाराशिव, सांगली, सतारा, कोल्हापुर, सोलापुर, परभणी, बीड, जालना, अहिल्यानगर और पुणे समेत कई जिलों में 24 सितंबर तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा। उन्होंने यह भी अनुमान जताया है कि 1 अक्टूबर से 3 अक्टूबर के बीच इन्हीं इलाकों में बारिश की तीव्रता एक बार फिर अधिक होगी, जिससे उन क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है जहां अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में आगामी दिनों में मौसम सुहाना रहने के साथ-साथ सतर्क रहने की आवश्यकता है।