उत्तर भारत में फिर बदला मौसम, पहाड़ों पर भारी बारिश का खतरा; जानें IMD का ताजा अपडेट|
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
उत्तर भारत में भारी बारिश अलर्ट के दौरान सड़क पर छाते लेकर चलते स्कूली बच्चे|
उत्तर भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बेहद तीखा हो गया है और मानसून का जोर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, उत्तर भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके कारण पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में इस सप्ताह के दौरान मौसम का मिजाज काफी सख्त रहेगा और कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
विशेष तौर पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और आसपास के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इन पर्वतीय राज्यों में बादलों का डेरा लंबे समय से बना हुआ है, और अब मानसून के और अधिक तीव्र होने से भूस्खलन तथा पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन बलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
केवल पहाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी इस मानसूनी सक्रियता के प्रभाव से अछूते नहीं हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी इसका असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। इन मैदानी क्षेत्रों में कभी-कभी बादलों की आवाजाही और छिटपुट बौछारों का दौर जारी है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है।
मौसम विभाग ने लोगों और वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों की यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। लगातार सक्रिय हो रहे इस मजबूत मानसून के कारण उत्तर भारत के लोगों की निगाहें अब लगातार बदलते मौसम और IMD के आगामी पूर्वानुमानों पर टिकी हुई हैं, ताकि समय रहते आवश्यक सावधानियां बरती जा सकें।