यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स में धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज, समयसीमा तय कर मॉनिटरिंग के निर्देश
यूआईआईडीबी परियोजनाओं की समीक्षा में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। कुंभ मेला 2027 से पहले प्राथमिकता वाले कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।
तस्वीर में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सचिवालय में उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नजर आ रहे हैं।
देहरादून, 1 अक्टूबर 2026। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूरा कराने और उनकी नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा लगभग दस माह में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति किए जाने पर असंतोष जताते हुए परियोजना के लिए डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती कार्यस्थल पर ही सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग हो और मौके पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके।
उन्होंने यूआईआईडीबी के सभी प्रोजेक्ट्स की निर्धारित टाइमलाइन के साथ पर्ट चार्ट तैयार करने और प्रत्येक बैठक में उसके अनुरूप परियोजनावार प्रगति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं हो रही है, उनमें देरी के कारणों की स्पष्ट पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रमुख सचिव नियोजन को भी परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण के लिए यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए अपनी समर्पित टीम विकसित कर कार्यस्थल पर तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार एवं ऋषिकेश क्षेत्र के लिए अलग यूनिट की व्यवस्था करने को कहा, ताकि परियोजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण में किसी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्य सचिव ने कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित समयसीमा में हर हाल में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सती कुंड से संबंधित कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने के लिए श्रमिकों एवं शिफ्ट की संख्या बढ़ाने को कहा। साथ ही कार्यों की गति बढ़ाने के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
हरिद्वार में कराए जा रहे कार्यों को लेकर मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था के महाप्रबंधक को हरिद्वार में ही तैनात रहकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त को उपलब्ध कराई जाए। इस संबंध में आवश्यक आदेश तत्काल जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
सरफेस, अंडरग्राउंड एवं मैकेनिकल पार्किंग से संबंधित नए कार्यों को लेकर भी मुख्य सचिव ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार क्षेत्र में नए पार्किंग प्रोजेक्ट हाथ में लेने से पहले जिलाधिकारी एवं मेलाधिकारी से लिखित रूप में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त किया जाए। साथ ही अन्य विभागों द्वारा तैयार की जा रही योजनाओं के साथ पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र में सरफेस, अंडरग्राउंड अथवा मैकेनिकल पार्किंग में से जो विकल्प अधिक व्यवहारिक एवं उपयुक्त हो, उसी के आधार पर पार्किंग का निर्माण किया जाए।
यूआईआईडीबी के प्रोजेक्ट्स से संबंधित वित्तीय मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए मुख्य सचिव ने फाइनेंसियल एवं ऑडिट कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, श्री रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री सी. रविशंकर, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव श्री पराग मधुकर धकाते सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं यूआईआईडीबी के अधिकारी उपस्थित रहे।