तस्वीर में एनआईसी जन परिचय कार्यशाला मंच पर अधिकारी साथ खड़े नजर आ रहे हैं।   

राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) उत्तराखण्ड राज्य इकाई की ओर से देहरादून के होटल सैफ्रन लीफ में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को ‘जन परिचय – पहचान एक, सेवाएँ अनेक’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के अधिकारियों को राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन (SSO) प्लेटफॉर्म ‘मेरी पहचान’ की कार्यप्रणाली, विशेषताओं और उपयोगिता से विस्तारपूर्वक अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। श्री अरविंद कुमार दधीचि, राज्य सूचना-विज्ञान अधिकारी एवं उप महानिदेशक (SIO & DDG), एन.आई.सी. उत्तराखण्ड राज्य इकाई ने स्वागत भाषण में कार्यशाला के उद्देश्यों तथा राज्य की विभिन्न नागरिक-केंद्रित सेवाओं में ‘जन परिचय’ के क्रियान्वयन से होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि ‘मेरी पहचान’ एक राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को एक ही यूजर क्रेडेंशियल के माध्यम से देशभर की अनेक सार्वजनिक एवं निजी सेवाओं तक निर्बाध पहुंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ‘मेरी पहचान’ का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में किया गया था। तब से अब तक इस प्लेटफॉर्म से लगभग 3,000 से अधिक परियोजनाएं जुड़ चुकी हैं, प्रतिदिन 55 लाख से अधिक ट्रांजैक्शन संपन्न होते हैं और 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

इसके बाद श्री वी.टी.वी. रमण, वैज्ञानिक-जी/उप महानिदेशक एवं समूह समन्वयक, एन.आई.सी. मुख्यालय, नई दिल्ली ने उद्घाटन संबोधन दिया। उन्होंने सिंगल साइन ऑन सरकारी प्लेटफॉर्म को नागरिक सेवाओं के लिए सुरक्षित बताया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. पंकज कुमार पांडे, आई.ए.एस., सचिव (आई.टी.) उत्तराखण्ड सरकार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में नागरिक-केंद्रित सेवाओं की फास्ट डिलिवरी और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में ‘जन परिचय’ जैसी पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के सभी विभागों से इस प्लेटफॉर्म को शीघ्र अपनाने का आह्वान किया। उद्घाटन सत्र का समापन श्री दयाल खंडेलवाल, वैज्ञानिक-जी/उप महानिदेशक, एन.आई.सी. मुख्यालय, नई दिल्ली के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सबसे पहले श्री संजय शर्मा, वरिष्ठ निदेशक (आई.टी.), जन परिचय प्रभाग, एन.आई.सी. ने ‘SSO जन परिचय’ विषय पर कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद श्री अमित कुमार, संयुक्त निदेशक (आई.टी.) ने ‘जन परिचय की मूल्य-वर्धित सेवाओं’ (Value Added Services) की जानकारी दी।

इसके बाद श्री वैभव पाठक, इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने साइबर सुरक्षा (Cyber Security) विषय पर विशेष सत्र लिया। इसमें उन्होंने डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणालियों में सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के अंतिम तकनीकी सत्र में श्री कुंदन कुमार, संयुक्त निदेशक (आई.टी.) ने ‘जन परिचय’ के फीचर डेमोंस्ट्रेशन और माइग्रेशन प्रक्रिया (Migration Process) का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

कार्यशाला के समापन अवसर पर श्री संजय गुप्ता, उप महानिदेशक, एन.आई.सी. उत्तराखण्ड ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों से 100 से अधिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। एन.आई.सी. उत्तराखण्ड राज्य इकाई के समस्त अधिकारीगण तथा राज्य के विभिन्न जनपदों से आए जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी (DIO) भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से ‘जन परिचय’ की कार्यप्रणाली, मूल्य-वर्धित सेवाओं, साइबर सुरक्षा, फीचर डेमोंस्ट्रेशन और माइग्रेशन प्रक्रिया से अधिकारियों को अवगत कराया गया।

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