मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत अब तक प्रदेश के 106 युवा विदेशों में नौकरी प्राप्त कर चुके हैं। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए जर्मन और जापानी भाषाओं के कुल 158 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तरकाशी और टिहरी जनपद में भी जल्द ही विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री धामी की पहल पर मई 2023 में इस रोजगारपरक योजना को मंजूरी दी गई थी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कौशल एवं सेवायोजन विभाग के तहत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप तैयार कर अधिक से अधिक संख्या में विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराना है।

इसी उद्देश्य से प्रदेश में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून में जर्मन भाषा के 75 और जापानी भाषा के 45 प्रशिक्षण केंद्र हैं। अल्मोड़ा में जर्मन भाषा के 22 तथा बागेश्वर में जापानी भाषा के 16 प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी और टिहरी में भी जल्द ही ऐसे केंद्र शुरू करने की तैयारी है।

विदेश रोजगार प्रकोष्ठ से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में देहरादून जनपद में जर्मनी के लिए 4 बैच और जापान के लिए 2 बैच में भाषा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अल्मोड़ा जनपद में जर्मनी के लिए 1 बैच तथा बागेश्वर जनपद में जापान के लिए 1 बैच संचालित है। सरकार के प्रयासों से अब तक 106 युवा विदेशों में रोजगार हासिल कर चुके हैं। इनमें 75 युवा जापान, 1 जर्मनी और 30 युवा सऊदी अरब में हेल्थ, हॉस्पिटेलिटी और अन्य सेक्टर में कार्यरत हैं।

धामी सरकार अब युवाओं के लिए विभिन्न देशों में रोजगार के अधिक अवसर तलाशने में जुटी है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड आए जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम और जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा के साथ बैठक की। इस दौरान तीनों देशों में रोजगार की संभावनाओं और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब इन तीनों देशों की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना प्रदेश सरकार की कसौटी पर खरी उतरी है। योजना की सफलता को देखते हुए विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है। युवाओं को वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जा रहा है। अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।”

विदेश में नौकरी प्राप्त कर चुके 106 युवाओं के साथ यह योजना उत्तराखंड में वैश्विक रोजगार की संभावनाओं को विस्तार दे रही है। विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार और विभिन्न देशों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण की तैयारी प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए दक्ष बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को दर्शाती है।

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