कुंभ मेला 2027: मुख्य सचिव ने अस्थायी पुल और पार्किंग कार्यों पर दिए कड़े निर्देश
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यूआर कोड युक्त साइनेज, समर्पित ऐप और अस्थायी पुलों को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
तस्वीर में देहरादून के सरकारी कक्ष में अधिकारियों संग बैठक करते मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन।
देहरादून, 08 अक्टूबर। कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्माण कार्यों, अस्थायी पुलों, पार्किंग, यातायात और मानव संसाधन की उपलब्धता को लेकर संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने समानांतर रूप से पूरे किए जा सकने वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर साथ-साथ पूरा करने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा में तैयार करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनगणना एवं निर्वाचन संबंधी कार्यों के कारण मेले के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग अभी से मानव संसाधन की आवश्यकता का आकलन कर तैनाती की कार्ययोजना तैयार करें, ताकि मेले की व्यवस्थाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आए।
उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साइनेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइनेज पर क्यूआर कोड लगाए जाने की व्यवस्था करने को कहा, जिनके माध्यम से श्रद्धालुओं को संबंधित स्थल के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व सहित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जा सकें। इसके साथ ही कुम्भ क्षेत्र की विभिन्न लोकेशन और सुविधाओं की जानकारी देने के लिए एक समर्पित ऐप तैयार करने की संभावना पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेले के लिए बनाई जा रही स्थायी व्यवस्थाओं के संचालन एवं रखरखाव की योजना अभी से तैयार की जाए, ताकि मेले के बाद भी उनका उपयोग और प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अस्थायी ब्रिजों के निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी करने और इन्हें नवंबर माह के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
कुम्भ मेला क्षेत्र में पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी मुख्य सचिव ने विशेष जोर दिया। उन्होंने सरकारी एवं सरकारी एजेंसियों की भूमि पर पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के लिए जरूरी कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि सभी व्यवस्थाएं समय रहते तैयार हो सकें।
उन्होंने नहरबंदी के दौरान किए जाने वाले कार्यों की पूर्व तैयारी पूरी रखने और इस अवधि का अधिकतम उपयोग करने को कहा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक कार्यों की तैयारी पहले से पूरी कर ली जाए, जिससे निर्धारित अवधि के भीतर उन्हें संपन्न किया जा सके।
मुख्य सचिव ने सिंचाई एवं पेयजल विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए कुम्भ मेला शुरू होने से पहले उन्हें पूरा कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेलाधिकारी और संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं इन कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराना सुनिश्चित करें।
कुम्भ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुगम बनाए रखने के लिए उन्होंने सभी आवश्यक वैकल्पिक मार्गों और अन्य व्यवस्थाओं को समय से तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, मेलाधिकारी को कुम्भ से संबंधित कार्यों का लगातार स्थलीय निरीक्षण करने को कहा, ताकि निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन किया जा सके।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्थलीय निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दी जाए, जिससे संबंधित विभाग के साथ समन्वय कर उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और किसी भी स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव षैलेश बगौली, नितेष कुमार झा, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल आनन्द स्वरूप और मेलाधिकारी सोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत अस्थायी पुलों से लेकर पार्किंग, पेयजल, सिंचाई, मानव संसाधन और यातायात तक की व्यवस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।