तस्वीर में देहरादून हॉल में जनगणना प्रशिक्षण बैठक के दौरान अधिकारी और प्रतिभागी उपस्थित हैं।   

देहरादून में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के सफल और सुचारु संचालन की तैयारियों के तहत मास्टर ट्रेनर्स का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। 05 से 08 अक्टूबर 2026 तक वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून स्थित साइंटिस्ट्स हॉस्टल में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स को जनसंख्या गणना की कार्यप्रणाली, निर्धारित प्रक्रियाओं और मैदानी स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

गृह मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन मास्टर ट्रेनर्स को फील्ड विजिट कराया गया। इसका उद्देश्य उन्हें जनगणना कार्य की वास्तविक परिस्थितियों और जनसंख्या गणना के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। फील्ड विजिट के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न परिस्थितियों में कार्य संपादन और मैदानी स्तर पर सामने आने वाली संभावित चुनौतियों की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई। मास्टर ट्रेनर्स ने जनगणना कार्य के विभिन्न पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा और अपने आगामी प्रशिक्षण एवं दायित्वों के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

फील्ड विजिट के बाद प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों और विषयों पर मास्टर ट्रेनर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को लेकर उनके अनुभव, सुझाव और महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त किए गए। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान सामने आई शंकाओं और व्यावहारिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जनसंख्या गणना का कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित करने तथा प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रभावी ढंग से साझा करने पर विशेष जोर दिया गया।

समापन अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने मास्टर ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए आगामी दायित्वों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल संचालन में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव का प्रभावी उपयोग करने, संबंधित अधिकारियों एवं गणना कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने तथा जनगणना कार्य में शुद्धता, एकरूपता और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को उनके आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनगणना-2027 के कार्य को पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समन्वय के साथ संपादित करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि प्रशिक्षण के दौरान हासिल की गई जानकारी का उपयोग आगामी कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सके।

कार्यक्रम के समापन पर निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव और संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह नेगी ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभवों और ज्ञान का आगामी कार्यों में प्रभावी उपयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए आयोजित यह चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से प्रशिक्षित और सक्षम मास्टर ट्रेनर्स तैयार करने पर जोर दिया गया, ताकि वे आगामी चरणों में संबंधित अधिकारियों एवं गणना कार्मिकों को जनसंख्या गणना की प्रक्रियाओं, कार्यप्रणाली और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रभावी प्रशिक्षण दे सकें। इससे जनगणना कार्य में शुद्धता, एकरूपता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को सुनिश्चित करने की तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

Tags: