तस्वीर में यति नरसिंहानंद सरस्वती और अन्य लोग एक कमरे में बैठे नजर आ रहे हैं।

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज ने रविवार को हापुड़ में प्रेस वार्ता के दौरान राजनेताओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें राजनेताओं पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उनके शिष्य ब्रजघाट से पदयात्रा निकाल रहे हैं। उनके अनुसार, यह यात्रा और प्रार्थना किसी नेता के लिए नहीं, बल्कि मां चंडी और देवाधिदेव महादेव से हिंदुओं की रक्षा के लिए की जा रही है।

यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि उनके शिष्यों की पदयात्रा ब्रजघाट से शुरू होकर हापुड़ पहुंच चुकी है। सोमवार, 14 सितंबर की सुबह सभी सेवादार और शिष्य हापुड़ की प्रसिद्ध मां चंडी देवी के दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद पदयात्रा गाजियाबाद के ऐतिहासिक दूदेश्वरनाथ मंदिर के लिए रवाना होगी।

महंत ने स्पष्ट किया कि पदयात्रा के माध्यम से कोई राजनीतिक संदेश नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका ज्ञापन किसी नेता की मेज पर नहीं, बल्कि सीधे महादेव और मां शक्ति के चरणों में जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान यति नरसिंहानंद महाराज ने देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर इसी रफ्तार से जनसंख्या बढ़ती रही तो आने वाले समय में यह देश के भविष्य के लिए बड़ा खतरा साबित होगी।

उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "मैं एक साधु हूँ। कानून-व्यवस्था की तकनीकी बारीकियों के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।"

वहीं, वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सवाल किए जाने पर यति नरसिंहानंद महाराज ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "चुनावों में मेरा कोई निजी स्टेक (हित) नहीं है। मैं किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में बैटिंग नहीं कर रहा हूँ। राजनीति करना नेताओं का काम है, हम तो साधु हैं और केवल जनता के सामने अपनी बात रखते हैं।"

हालांकि, उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि वे दिल से चाहते हैं कि योगी आदित्यनाथ दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। पदयात्रा, हिंदुओं की रक्षा को लेकर उनकी अपील और 2027 के चुनाव को लेकर दिए गए बयान के साथ हापुड़ में हुई यह प्रेस वार्ता उनके रुख को लेकर चर्चा में रही।

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