तस्वीर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए दिख रहे हैं।

मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा गोलीकांड की 32वीं बरसी पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर उत्तराखंड पृथक राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।

इस दौरान रामपुर तिराहा परिसर देशभक्ति और भावुकता के माहौल से सराबोर रहा। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, उनके परिजन तथा दोनों प्रदेशों के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शहीदों की स्मृति को नमन करने पहुंचे। शहीद स्मारक पर माल्यार्पण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अमूल्य और अविस्मरणीय है। आंदोलनकारियों के कठिन संघर्ष, त्याग और बलिदान के बल पर ही उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। संपूर्ण प्रदेशवासी उनके अमर बलिदान को सदैव श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों की भावनाओं और आंदोलनकारियों की सोच के अनुरूप उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करना वर्तमान सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का सबसे दुखद और महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। 2 अक्टूबर 1994 को अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर हजारों आंदोलनकारी बसों में सवार होकर दिल्ली प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पुलिस-प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों को रोके जाने के दौरान स्थिति बिगड़ गई और पुलिस फायरिंग हुई।

इस दर्दनाक घटना में 7 आंदोलनकारी मौके पर या इलाज के दौरान शहीद हुए थे, जबकि 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस कांड में रविंद्र रावत उर्फ गोलू, सतेंद्र चौहान, गिरीश भदरी, राजेश लखेड़ा, सूर्य प्रकाश थपलियाल, राजेश नेगी और अशोक कुमार (उपचार के दौरान) ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनकी पावन स्मृति में रामपुर तिराहा पर भव्य शहीद स्मारक स्थापित किया गया है, जहां प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को राजकीय श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले वर्ष भी 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा पहुंचे थे। अपने पिछले दौरों के दौरान उन्होंने शहीद स्मारक परिसर के पुनर्विकास, संग्रहालय (म्यूजियम) के विस्तार, कैंटीन निर्माण तथा उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के यहां अनिवार्य स्टॉपेज जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने 2-मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विकास की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, पक्की सड़कें, स्वच्छ पेयजल और स्थानीय रोजगार के साधन पहुंचाना प्राथमिकता है। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, लोक-परंपराओं और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए सतत विकास की नीतियां बनाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मुजफ्फरनगर जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व ही एसपी सिटी अमृत जैन ने शहीद स्मारक का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। कार्यक्रम के दौरान हाईवे पर यातायात को सुचारु बनाए रखने और जनसभा स्थल पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

रामपुर तिराहा पर 32वीं बरसी का यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उन अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित रहा, जिनके संघर्ष और बलिदान से जुड़े इतिहास को हर वर्ष 2 अक्टूबर को श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।


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