तस्वीर में रायबरेली की एक गैस एजेंसी या वाहन में रखे गए लाल रंग के घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर कतारबद्ध तरीके से लदे हुए दिखाई दे रहे हैं।

रायबरेली में घरेलू गैस कनेक्शन की e-KYC कराने की अंतिम तारीख 15 अगस्त नजदीक आते ही उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन कराने के लिए जिलेभर की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि कर्मचारियों पर भी काम का भारी दबाव बना हुआ है।

जिले में इंडेन, भारत और एचपी गैस के कुल करीब 5 लाख 94 हजार घरेलू गैस कनेक्शन हैं। जिला पूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इनमें से लगभग 88 हजार उपभोक्ताओं की e-KYC प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हुई है। 15 अगस्त की समयसीमा समाप्त होने में कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में लक्ष्य पूरा करने के लिए रोजाना औसतन 22 हजार e-KYC करनी होंगी, जो गैस एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

तेल कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर लगातार रिमाइंडर संदेश भेजे जा रहे हैं। गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के अनुसार, e-KYC लंबित रहने पर उपभोक्ताओं की सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही नए सिलिंडर की बुकिंग और होम डिलीवरी में भी तकनीकी अड़चनें आने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, 15 अगस्त के बाद e-KYC नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू सिलिंडर कमर्शियल दरों पर मिलेगा या नहीं, इसे लेकर अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

रायबरेली के जिलापूर्ति अधिकारी उबैदुर्रहमान ने बताया कि अंतिम दिनों में अधिक से अधिक उपभोक्ताओं का दैनिक स्तर पर सत्यापन करने के निर्देश गैस एजेंसियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद कनेक्शन बंद होने या कमर्शियल रेट पर सिलिंडर मिलने के संबंध में शासन या गैस कंपनियों की ओर से अभी तक कोई नया स्पष्ट आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।

15 अगस्त की अंतिम समयसीमा के बीच रायबरेली में करीब 88 हजार उपभोक्ताओं का e-KYC सत्यापन लंबित होना गैस एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। अंतिम दिनों में बढ़ी भीड़ और रोजाना बड़ी संख्या में सत्यापन पूरा करने की जरूरत से इस प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं और एजेंसियों दोनों पर दबाव बढ़ गया है।