रायबरेली में मिलावटी पनीर-खोवा और देसी घी का बड़ा खुलासा, लैब रिपोर्ट में मिले खतरनाक रसायन
रायबरेली में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया की लैब जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। कई नमूने असुरक्षित मिले, अब कारोबारियों पर होगी कार्रवाई।
तस्वीर में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी रसोई के अंदर पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
रायबरेली में बाजार से खरीदे जा रहे पनीर, खोवा और देसी घी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए खाद्य पदार्थों के सैंपलों की विधि विश्लेषक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में सामने आया है कि बाजार में बिक रहे पनीर और खोवा न सिर्फ मिलावटी हैं, बल्कि सेहत के लिए बेहद खतरनाक भी हो सकते हैं। जांच में ब्रांडेड देसी घी, मसाले और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य पदार्थ भी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार सलोन के राधानगर स्थित डीके लघु उद्योग के साबुत धनिया के नमूने में मृत कीड़े पाए गए, जिसके बाद इसे 'असुरक्षित' घोषित कर दिया गया। वहीं, जगतपुर में सबीना की दुकान से लिए गए एक नामचीन ब्रांड के 'प्योर प्रीमियम देसी घी' के नमूने में वनस्पति घी की मिलावट मिलने की पुष्टि हुई है।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मई महीने में रोहनियां के खुरहट स्थित अंकुर डेयरी से पनीर और ऊंचाहार के अरखा स्थित गुप्ता स्वीट्स से खोवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दोनों नमूनों को सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक बताते हुए असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आया कि पनीर और खोवा को खराब होने से बचाने तथा उसे गाढ़ा करने के लिए उसमें न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट जैसे खतरनाक रसायनों की मिलावट की गई थी।
सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि विधि विश्लेषक प्रयोगशाला की जांच में पनीर, खोवा, देसी घी और धनिया के नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि न्यूट्रलाइजर और कार्बोनेट युक्त खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन करने से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है और लिवर तथा किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। विभाग अब मिलावट करने वालों और असुरक्षित उत्पाद बेचने वाली दुकानों के खिलाफ शिकंजा कसने के साथ विधिक कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।