27 गांवों की पंचायत में गौरव जयराम की हुंकार, दिल्ली महारैली में पहुंचने का आह्वान
खुर्जा विधानसभा क्षेत्र के भाईपुर सनेता में 27 गांवों की पंचायत के दौरान गौरव जयराम ने 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में पहुंचने का आह्वान किया। पंचायत में कथित वोट चोरी, निर्वाचन आयोग की भूमिका और 2027 के विधानसभा चुनाव के मुद्दों पर चर्चा हुई।
खुर्जा के भाईपुर सनेता में दिल्ली महारैली की तैयारी को लेकर 27 गांवों की पंचायत आयोजित हुई।
खुर्जा विधानसभा क्षेत्र-70 के गांव भाईपुर सनेता में आयोजित 27 गांवों की पंचायत में युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव एवं ग्राम प्रधान गौरव जयराम ने दिल्ली महारैली में अधिक से अधिक लोगों के पहुंचने का आह्वान किया। पंचायत में किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और सामाजिक क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान जाति और धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास को चुनावी मुद्दा बनाने की अपील की गई। साथ ही भारतीय निर्वाचन आयोग की भूमिका और उसकी चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
पंचायत को संबोधित करते हुए गौरव जयराम ने कहा कि आगामी 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचना चाहिए। उन्होंने कथित वोट चोरी के विरोध में आयोजित इस महारैली को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में जाति और धर्म जैसे मुद्दों के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
गौरव जयराम ने प्रदेश की मौजूदा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में भ्रष्टाचार और शासन-प्रशासन के कथित तानाशाही रवैये से आमजन परेशान है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र की खूबसूरती है। प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, सरकार से सवाल पूछने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। जनसमस्याओं का समाधान दबाव और भय के बजाय आपसी संवाद एवं संवेदनशीलता से होना चाहिए।
गौरव जयराम ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज उठाने वाले युवाओं, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों को मुकदमों एवं कार्रवाई का भय दिखाकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज का सम्मान होना चाहिए।
पंचायत में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक देश बचाओ-वोट बचाओ आलोक प्रसाद, सलमान सईद, जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान, प्रदेश सचिव पंकज तेजानिया, इजराइल गहलोत, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, इमरान सईद, प्रो. अजय छौकर, निजाम मलिक, नवाब, गजराज प्रधान, हुकम चंद प्रधान और आसिफ सोलंकी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।