पीएम पोषण योजना के रसोइयों को बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़कर ₹3,000 और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
कासगंज में पीएम पोषण योजना के रसोइयों का सम्मान और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण हुआ। प्रदेश के 3.54 लाख रसोइयों का मानदेय बढ़कर ₹3,000 हुआ, साथ में ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज और ₹2 लाख दुर्घटना बीमा मिलेगा।
तस्वीर में कासगंज के एक कार्यक्रम के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड और प्रमाण पत्र वितरित करते हुए नजर आ रहे हैं।
कासगंज में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों के सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 3.54 लाख रसोइयों के लिए मानदेय में ₹1,000 प्रतिमाह की वृद्धि, ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा और ₹2 लाख तक दुर्घटना बीमा सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर से मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का कासगंज जनपद स्तर पर श्री गणेश इंटर कॉलेज के सभागार में सजीव प्रसारण किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, रसोइयों और अन्य उपस्थित नागरिकों ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक देखा और सुना।
जनपद स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रत्नेश कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा, सदस्य राज्य महिला आयोग रेनू गौड़, जिलाधिकारी प्रणय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रजनेश कुमार तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सजीव प्रसारण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत 3.54 लाख रसोइयों के हित में कई घोषणाएं कीं। रसोइयों के मानदेय में ₹1,000 प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इसके बाद उनका कुल मानदेय ₹3,000 प्रतिमाह हो गया है। वहीं, ड्रेस/साड़ी के लिए दी जाने वाली धनराशि ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 करने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम के दौरान रसोइयों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण की शुरुआत भी की गई। इससे बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के बाद पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइये भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा से आच्छादित हो गए हैं।
रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ₹2 लाख तक के दुर्घटना बीमा के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। प्रदेश में कार्यरत 3.54 लाख रसोइयों में लगभग 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। ये रसोइये विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
रसोइयों की कार्यक्षमता और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए किचेन गार्डन एवं पाक कला प्रतियोगिता शुरू किए जाने की भी घोषणा की गई। इसके साथ ही पोषण संबंधी विषयों पर पोषण फिल्म के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की व्यवस्था भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, रसोइयों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रसोइया, विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।