कासगंज में बाढ़ का कहर, 6 गांव प्रभावित; प्रशासन ने तेज किए राहत और बचाव कार्य
कासगंज के पटियाली क्षेत्र में 06 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने 709 राशन किट बांटीं, पशुओं का टीकाकरण व उपचार कराया और स्वास्थ्य शिविरों के साथ 24 घंटे नाव संचालन जारी रखा है।
तस्वीर में कासगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नदी के किनारे अधिकारी और पुलिसकर्मी निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।
कासगंज, 22 अगस्त 2026। जिलाधिकारी कासगंज के निर्देश पर तहसील पटियाली के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी और राहत कार्य लगातार जारी हैं। वर्तमान में तहसील पटियाली क्षेत्र के 06 राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को आवश्यक राहत, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के तहत अब तक कुल 709 राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। पशुपालन विभाग ने भी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाकर कुल 2,025 पशुओं का टीकाकरण और 503 पशुओं का उपचार किया है। पशुओं के उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अब तक 24 पशु शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। शनिवार को नगला पदम, राजेपुर कुड़ी, नगला हंसी एवं मूंजखेड़ा में पशु शिविर आयोजित किए गए।
मच्छरों आदि की रोकथाम के लिए 17 गांवों में छिड़काव कराया गया है। शनिवार को मूंजखेड़ा एवं उलई खेड़ा में भी छिड़काव की कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 1,752 व्यक्तियों का उपचार किया गया है। इसके साथ ही 31 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। शनिवार को कादरगंज खाम, नौली फतुआबाद, नरदौली पुख्ता एवं पीतम नगर में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों में 117 ओआरएस पैकेट एवं 685 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन स्थलीय निरीक्षण किया जाए और लोगों को आवश्यक राहत, चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों का संचालन 24 घंटे किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। प्रशासन की लगातार निगरानी और राहत-बचाव गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास जारी है।