चंदौली में कुआं बना मौत का कुआं, समरसेबल निकालने उतरे तीन मजदूरों की मौत
चंदौली के किड़हिरा गांव में समरसेबल पंप निकालने कुएं में उतरे मजदूरों की अचानक हालत बिगड़ गई। हादसे में तीन लोगों की मौत और एक की हालत गंभीर है। पुलिस-प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
तस्वीर में चंदौली के किड़हिरा गांव में कुएं के पास पुलिसकर्मी और ग्रामीण जांच-पड़ताल करते हुए नजर आ रहे हैं।
चंदौली के शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में शनिवार को समरसेबल पंप निकालने की कोशिश उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गई, जब कुएं में उतरे मजदूरों की अचानक हालत बिगड़ गई। एक के बाद एक मजदूर बेहोश होकर कुएं में गिरते चले गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, किड़हिरा गांव में एक कुएं में समरसेबल पंप खराब पड़ा था। शनिवार को उसे बाहर निकालने के लिए मजदूर कुएं में उतरे थे। बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी।
मजदूरों के बेहोश होकर गिरने की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए और लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुएं में उतरने वाले मजदूरों की एक के बाद एक हालत बिगड़ती गई। प्रारंभिक तौर पर कुएं के भीतर जहरीली गैस अथवा ऑक्सीजन की कमी को इसकी संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कुएं के अंदर कौन सी गैस मौजूद थी या वास्तव में ऑक्सीजन की कमी के कारण हादसा हुआ। इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। कुएं से लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक अन्य व्यक्ति का उपचार चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के बाद पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से भी घटना की परिस्थितियों और हादसे की वजह की जानकारी जुटाई जा रही है।
तीन मौतों के बाद कुएं में उतरने से पहले अपनाए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बंद अथवा लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे कुओं में जहरीली गैस जमा होने या ऑक्सीजन का स्तर कम होने का खतरा रहता है। ऐसे में कुएं में उतरने से पहले गैस और ऑक्सीजन स्तर की जांच, पर्याप्त वेंटिलेशन, सुरक्षा रस्सी, हार्नेस और अन्य बचाव उपकरणों की जरूरत होती है। अब जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मजदूरों को कुएं में उतारने से पहले किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और क्या गैस की जांच हुई थी।
फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रशासन की जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह सामने आएगा कि मजदूरों की मौत जहरीली गैस, ऑक्सीजन की कमी या किसी अन्य कारण से हुई।