कासगंज में भूमि संरक्षण योजनाओं को मिली मंजूरी, हर घर तिरंगा अभियान शुरू, रोजगार शिविर और छात्रवृत्ति आवेदन का शेड्यूल जारी
कासगंज में भूमि एवं जल संरक्षण परियोजनाओं को समिति की मंजूरी मिली। हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत 6 से 8 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही एसआईएस रोजगार शिविरों की तिथियां घोषित कर दी गई हैं और दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना 2026-27 की आवेदन समय-सारिणी भी जारी हुई है।
तस्वीर में कासगंज कलक्ट्रेट के रुद्राक्ष सभागार में अधिकारियों की बैठक के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी और अन्य लोग नजर आ रहे हैं।
कासगंज में 6 अगस्त 2026 को विकास, राष्ट्रप्रेम, रोजगार और शिक्षा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन ने कई अहम निर्णय लिए। मुख्य विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति तथा जिला मिशन समिति की बैठक आयोजित की गई, वहीं हर घर तिरंगा अभियान-2026 के प्रथम चरण की शुरुआत, एसआईएस सिक्योरिटी के रोजगार शिविरों की घोषणा और दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना 2026-27 की समय-सारिणी भी जारी की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में आयोजित जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति तथा जिला मिशन समिति की बैठक में भूमि संरक्षण अधिकारी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में अति संवेदनशील लगभग 300 हेक्टेयर क्षेत्र के सापेक्ष वॉटरशेड सुधार के लिए चयनित छह परियोजनाओं तथा प्रभाव क्षेत्र उपचार से संबंधित तीन परियोजनाओं पर विचार किया गया। इसके साथ ही आर एंड आर योजना के अंतर्गत चयनित परियोजनाओं के प्रस्ताव भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
बैठक में राजकीय कृषि प्रक्षेत्र अलीगंज में उसर सुधार कार्य तथा खेत तालाब योजना के अंतर्गत सात खेत तालाबों के निर्माण के प्रस्ताव भी रखे गए। सभी प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य जनपद में भूमि एवं जल संरक्षण कार्यों को गति देना, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना रहा।
इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार जनपद में हर घर तिरंगा अभियान-2026 के प्रथम चरण के अंतर्गत 6 अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक विभिन्न विभागों के समन्वय से देशभक्ति एवं जनजागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करना तथा तिरंगे के सम्मान के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रथम चरण के तहत जनपद के सभी विद्यालयों की दीवारों एवं बोर्डों को तिरंगा थीम आधारित कलाकृतियों से सजाया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। संस्कृति मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रदर्शनी का शैक्षणिक संस्थानों एवं सरकारी भवनों में प्रदर्शन भी कराया जाएगा। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके नोडल अधिकारी भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक होंगे।
अभियान के अंतर्गत विद्यार्थी सैनिकों एवं पुलिसकर्मियों के सम्मान में आभार पत्र लिखेंगे, जिन्हें डाक विभाग के माध्यम से भेजा जाएगा। इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) होंगे। वहीं स्थानीय बाजारों में तिरंगा एवं उससे संबंधित सामग्री की बिक्री को प्रोत्साहित करने तथा आकर्षक तिरंगा सजावट कराने की जिम्मेदारी समस्त उपजिलाधिकारियों को सौंपी गई है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए राष्ट्रीय ध्वजों की बिक्री सुनिश्चित कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी एवं उपायुक्त स्वतः रोजगार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
इसके अतिरिक्त शहीद स्थलों, स्मारकों एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं की विशेष साफ-सफाई, रंगाई-पुताई एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जनपद में देशभक्ति का वातावरण सृजित हो सके। इस कार्यक्रम के लिए समस्त उपजिलाधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों एवं आमजन से अपील की है कि वे हर घर तिरंगा अभियान-2026 में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता के इस महाअभियान को सफल बनाएं।
जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि भारतीय सुरक्षा दक्षता परिषद, नई दिल्ली एवं एसआईएस (इंडिया) लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में जनपद कासगंज के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण उपरांत रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकास खंड स्तर पर रोजगार शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एसआईएस (इंडिया) लिमिटेड सेवायोजन विभाग के रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत संस्था है। शिविरों में चयनित अभ्यर्थियों का पंजीकरण कर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
इच्छुक युवक निर्धारित तिथि पर अपने आवश्यक शैक्षिक एवं पहचान संबंधी अभिलेखों के साथ संबंधित विकास खंड कार्यालय में उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठा सकते हैं। रोजगार शिविरों का कार्यक्रम 17 एवं 18 अगस्त 2026 को विकास खंड कार्यालय सहावर, 19 एवं 20 अगस्त 2026 को विकास खंड कार्यालय गंजडुंडवारा, 21 एवं 22 अगस्त 2026 को विकास खंड कार्यालय पटियाली, 24 एवं 25 अगस्त 2026 को विकास खंड कार्यालय सिढ़पुरा, 01 एवं 02 सितंबर 2026 को विकास खंड कार्यालय अमांपुर, 03 से 05 सितंबर 2026 तक विकास खंड कार्यालय कासगंज तथा 07 एवं 08 सितंबर 2026 को विकास खंड कार्यालय सोरों में आयोजित किए जाएंगे। जिला सेवायोजन अधिकारी ने अधिक से अधिक शिक्षित बेरोजगार युवाओं से निर्धारित तिथि एवं स्थान पर पहुंचकर प्रशिक्षण एवं रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना (एनएसपी) शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति की ऑनलाइन आवेदन समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि पोस्ट-मैट्रिक एवं टॉप क्लास छात्रवृत्ति के लिए छात्र 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में त्रुटि सुधार एवं सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित तिथियों के अनुसार पूरी की जाएगी।
सभी पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं से समय पर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर आवेदन करने तथा अपने शिक्षण संस्थान से आवेदन का सत्यापन निर्धारित समय में कराने की अपील की गई है, ताकि उन्हें योजना का लाभ प्राप्त हो सके। छात्रवृत्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश एवं ऑनलाइन आवेदन की जानकारी नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। संबंधित शिक्षण संस्थानों एवं अधिकारियों को भी अधिक से अधिक पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं को योजना से लाभान्वित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।