एटा में गरीबों के राशन में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, सिलामई के उचित दर विक्रेता पर FIR दर्ज
एटा के विकासखंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत सिलामई में उचित दर विक्रेता धनीराम के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत FIR दर्ज की गई। जांच में खाद्यान्न वितरण और स्टॉक में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जनपद एटा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में विकासखंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत सिलामई के उचित दर विक्रेता धनीराम के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत थाना जलेसर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार जनपद में गरीब एवं पात्र लाभार्थियों के खाद्यान्न पर किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के आदेश पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार, अनियमितता तथा गरीबों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्राप्त शिकायतों एवं जांच आख्या के आधार पर विकासखंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत सिलामई के उचित दर विक्रेता धनीराम के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर पूर्ति निरीक्षक प्रियम पाण्डेय द्वारा थाना जलेसर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
जांच में पाया गया कि उचित दर विक्रेता द्वारा सरकारी खाद्यान्न के वितरण में अनियमितता बरती गई तथा स्टॉक एवं वितरण अभिलेखों में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान दुकान पर उपलब्ध खाद्यान्न एवं अभिलेखों का मिलान करने पर गेहूं, चावल तथा बाजरा की निर्धारित मात्रा मौके पर नहीं पाई गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आवश्यक वस्तुओं के वितरण एवं नियंत्रण आदेश-2016 के प्रावधानों का भी घोर उल्लंघन किया गया है।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि गरीबों के अधिकारों का हनन करने वाले किसी भी राशन विक्रेता अथवा संबंधित व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और सघन जांच अभियान जारी रहेगा। यदि कोई भी उचित दर विक्रेता अनियमितता, कालाबाजारी अथवा खाद्यान्न के दुरुपयोग में लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा शिकायत की जानकारी हो तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है।