हापुड़ में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड का एक्शन, बाजारों और पार्कों में चेकिंग
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड और पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्ध युवकों से पूछताछ की।
तस्वीर में उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मिशन शक्ति अभियान के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड की महिला पुलिसकर्मी सार्वजनिक स्थान पर एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ और दस्तावेजों की जाँच करती हुई।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत पुलिस ने निगरानी और चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। जनपद के विभिन्न थानों की एंटी रोमियो स्क्वाड टीमों और महिला सुरक्षा दल ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, गांवों, कस्बों और पार्कों में सघन चेकिंग की। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूम रहे संदिग्ध लड़कों और युवकों को रोककर पूछताछ की गई।
मीडिया सेल जनपद हापुड़ से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा, सशक्तिकरण और विश्वास का माहौल तैयार करना है। इसी उद्देश्य से पुलिस की टीमें सार्वजनिक स्थानों पर सक्रिय रहीं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
चेकिंग के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और महिला संस्थानों के आसपास बिना किसी ठोस कारण के मंडराने वाले युवकों को पुलिस ने सख्त हिदायत दी। ऐसे युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया कि वे दोबारा इन स्थानों पर बेवजह दिखाई न दें। अभियान के तहत मनचलों और शोहदों को सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूमने से रोकने के लिए समझाइश के साथ सख्ती बरती गई।
त्योहारों के सीजन को देखते हुए प्रमुख बाजारों में विशेष सतर्कता रखी जा रही है। महिलाओं और परिवारों की आवाजाही वाले पार्कों में पुलिस टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड और महिला सुरक्षा दल सक्रिय हैं।
हापुड़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत चलाया जा रहा यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जनपद के बाजारों, पार्कों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के प्रयास किए जा सकें।