हापुड़ में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत, वन विभाग ने किया निस्तारण
सिंभावली के मानिक चौक गांव में धान के खेत में लगा पेड़ 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकरा रहा था, पोस्टमार्टम के बाद शव को जलाया गया।
तस्वीर में रात के समय हापुड़ के खेत में वन विभाग के अधिकारी खड़े दिख रहे हैं।
हापुड़। जनपद हापुड़ में 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। घटना सिंभावली थाना क्षेत्र के ग्राम मानिक चौक में धान के खेत की है। सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और स्थानीय टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के नियमों और गाइडलाइंस के अनुसार तेंदुए के शव को निस्तारित कर दिया गया।
घटना बीती शाम 3 अक्टूबर 2026 की बताई गई है। हापुड़ वन प्रभाग की गढ़मुक्तेश्वर रेंज के अंतर्गत ग्राम मानिक चौक के एक धान के खेत में शीशम का पेड़ खड़ा है। इस पेड़ को छूते हुए 11,000 वोल्टेज की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। आशंका है कि तेंदुआ शीशम के पेड़ पर चढ़ा था। इसी दौरान वह पेड़ से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के करंट की चपेट में आ गया। करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और शव नीचे आ गिरा।
खेत में तेंदुए का शव मिलने की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय वन कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डी.एफ.ओ. हापुड़ गौतम सिंह और क्षेत्रीय वन अधिकारी करन सिंह भी वन विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर सुरक्षित रेंज कार्यालय पहुंचाया। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगातार वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी जाती रही।
4 अक्टूबर 2026 को मृत तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम आलमगीर पौधशाला में कराया गया। पोस्टमार्टम के लिए तीन पशु चिकित्सकों की विशेष टीम गठित की गई। टीम में डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. मदन पाल सिंह और डॉ. विशाल चौधरी शामिल रहे।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन विभाग के नियमों और गाइडलाइंस का पालन करते हुए मृत तेंदुए के शव को आलमगीर पौधशाला परिसर में ही सम्मानजनक तरीके से जलाकर निस्तारित किया गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत की यह घटना वन विभाग की कार्रवाई के बाद नियमानुसार समाप्त हुई।