तस्वीर में जिला एवं सत्र न्यायालय मेरठ की इमारत, उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतीक चिन्ह, हथकड़ी पहने व्यक्ति के हाथ और एक हथौड़ा दिख रहा है। यह तस्वीर काल्पनिक है और एआई द्वारा केवल संदर्भ के लिए बनाई गई है।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत हापुड़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ADJ प्रथम, मेरठ ने एक होमगार्ड को डरा-धमकाकर रिश्वत लेने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 3-3 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। तीनों पर लगाए गए जुर्माने की कुल राशि 51 हजार रुपये है।

मामला वर्ष 2022 का है। गढ़मुक्तेश्वर, हापुड़ में डायल 112 बाइक पर तैनात होमगार्ड पवन कुमार ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर शिकायत की थी। पवन कुमार के मुताबिक, 26 अगस्त 2022 को जिला कमांडेंट कार्यालय से उनके पास फोन आया था। इसके बाद 27 अगस्त 2022 को जब वह कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद बी औ राजकुमार त्यागी, प्रवीन चौधरी और सुरजीत कुमार ने उन्हें डराया-धमकाया।

आरोपियों ने पवन कुमार से कहा कि ड्यूटी के दौरान टोपी नहीं पहनने और गमछा डालने की उनकी एक फोटो उनके पास है, जिसे घोर लापरवाही बताया गया। मामले को रफा-दफा करने और नौकरी से न निकालने के बदले आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

पवन कुमार के पास तत्काल पैसे नहीं थे। आरोप के अनुसार, इसके बाद आरोपी राजकुमार त्यागी ने जबरन उनका मोबाइल फोन ले लिया और पेटीएम (Paytm) के जरिए 10 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इतना ही नहीं, उनसे एक कोरे कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करा लिए गए। इस उत्पीड़न से आहत होकर होमगार्ड पवन कुमार ने न्याय की गुहार लगाई।

शिकायत के आधार पर हापुड़ नगर थाने में मु०अ०सं० 734/2022 दर्ज किया गया। मामले में धारा 384, 506 भादवि और 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

हापुड़ पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और विवेचना टीम ने मामले की जांच की। पुलिस के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण जांच पूरी करने के बाद 06 फरवरी 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया गया। मामले में प्रभावी पैरवी के चलते 03 सितंबर 2026 को न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

दोषी पाए गए आरोपियों में राजकुमार त्यागी, पुत्र चन्द्रकिरण त्यागी, निवासी खरखौदा, मेरठ; सुरजीत कुमार, पुत्र सुरेशपाल सिंह, निवासी भोपा, मुजफ्फरनगर; और प्रवीन कुमार चौधरी, पुत्र हरीशचन्द्र, निवासी खरखौदा, मेरठ शामिल हैं।

इस मामले को अंजाम तक पहुंचाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में अभियोजन विभाग के बंगाली (शासकीय अधिवक्ता), विवेचक अशोक कुमार सिसौदिया, कोर्ट पैरोकार म०है०कां० अनिता शर्मा और कोर्ट मोहर्रिर कां० 2440 जितेन्द्र कुमार का विशेष योगदान रहा। “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत हुई इस कार्रवाई में न्यायालय से तीनों आरोपियों को सजा मिलने के साथ रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस की जांच और प्रभावी पैरवी का परिणाम सामने आया है।

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