तस्वीर में हापुड़ का जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर नजर आ रहा है।   

हापुड़, उत्तर प्रदेश में पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के करीब 10 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी आसिफ को दोषी करार देते हुए 9 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक द्वारा अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हापुड़ पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद हुई।

मामला 18 दिसंबर 2016 का है। थाना हापुड़ नगर क्षेत्र में आरोपी आसिफ पुत्र शकील, निवासी मोहल्ला छीपीवाड़ा, थाना पिलखुवा, जनपद हापुड़ ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था। घटना के बाद थाना हापुड़ नगर में आरोपियों के खिलाफ मु०अ०सं० 989/2016 दर्ज किया गया था।

मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 420, 482 भादवि (IPC) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करते हुए 08 फरवरी 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।

मामले में हापुड़ पुलिस और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद 28 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे/एफटीसी द्वितीय हापुड़ ने आरोपी आसिफ को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे 9 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

आरोपी को सजा दिलाने में अभियोजन विभाग और पुलिस टीम की भूमिका रही। मामले की पैरवी में शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार, विवाचक उ०नि० मुजमिल खान, पैरोकार म०है०का० मधु और कोर्ट मोहर्रिर म०है०का० अंजली तोमर का विशेष योगदान रहा।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई इस कार्रवाई में करीब 10 साल पुराने मामले में न्यायालय से दोषसिद्धि और सजा का फैसला सामने आया है।