हापुड़ में व्यापारियों की सुरक्षा पर एएसपी ने की मासिक गोष्ठी, सीसीटीवी और गश्त पर जोर
हापुड़ पुलिस कार्यालय में एएसपी की अध्यक्षता में व्यापारियों के साथ मासिक गोष्ठी हुई। सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, बाजारों में गश्त, जनसमस्याओं और सीसीटीवी कैमरों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
तस्वीर में हापुड़ पुलिस कार्यालय के सभागार में पुलिस अधिकारी और व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि मासिक गोष्ठी के दौरान बैठक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। जनपद में व्यापारियों की सुरक्षा, जनसमस्याओं के निस्तारण और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता के बीच बीते कल पुलिस कार्यालय में मासिक गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में व्यापारियों की समस्याओं, बाजारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों तथा व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श हुआ।
बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) ने की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। गोष्ठी में जनपद के विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय मजबूत करना तथा बाजार क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना रहा।
गोष्ठी में व्यापारियों ने बाजार और व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़ी अपनी प्रमुख जनसमस्याएं पुलिस अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने इन समस्याओं के निस्तारण को लेकर चर्चा की। आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त बढ़ाने पर भी मंथन हुआ।
जनपद में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रणनीति भी साझा की गई। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापारियों से अपनी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की गई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा। साथ ही पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंच सके।
गोष्ठी में सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसमस्याओं के निस्तारण और पुलिस-व्यापारी समन्वय को लेकर हुई चर्चा से बाजार क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर जोर सामने आया।