हापुड़ के धौलाना में UGC रोलबैक की मांग पर 22वें दिन सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी, पुलिस से नोकझोंक
हापुड़ के धौलाना में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर 22वें दिन प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर छोड़कर सड़क पर जाम लगाया। पुलिस से तीखी नोकझोंक के बीच भारी पुलिस बल तैनात हुआ। ज्ञापन के बाद भी ठोस आश्वासन नहीं मिलने से आंदोलन जारी है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की धौलाना तहसील में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर 22वें दिन सड़क पर प्रदर्शन करते आंदोलनकारी और मौके पर तैनात पुलिस बल।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की धौलाना तहसील में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 22वें दिन सड़क तक पहुंच गया। तहसील परिसर में जारी धरने से बाहर निकले प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर जाम लगाया और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
आंदोलनकारियों का विरोध लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर से बाहर निकलकर सड़क पर प्रदर्शन किया, जिससे प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा। सड़क पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
इससे दो दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की थी। आंदोलनकारियों ने अपर जिलाधिकारी संदीप सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार को मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी रोलबैक की मांग को उच्च स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया था। हालांकि, ज्ञापन सौंपने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारियों की नाराजगी बढ़ गई।
सड़क पर प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से लगातार अपील की जा रही है कि वे अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारियों के सामने रखें, ताकि बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकाला जा सके। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ सतर्कता बरती जा रही है।
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे यूजीसी रोलबैक की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर उनकी बात को गंभीरता से सुना जाए और उनकी मांग के अनुरूप उचित निर्णय लिया जाए। 22 दिनों से जारी आंदोलन के सड़क तक पहुंचने के बाद अब प्रशासन के रुख और बातचीत के जरिए गतिरोध दूर करने की संभावनाओं पर नजर बनी हुई है।