हापुड़ में चोरों का दुस्साहस, 24 खंभों से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन चोरी
हापुड़ के छपकौली में चोर 24 खंभों से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन काट ले गए। 30 ट्यूबवेल बंद होने से फसलों पर संकट गहराया।
हापुड़ जिले में बिजली लाइन चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के छपकौली गांव का है, जहां बेखौफ चोरों ने ट्यूबवेल लाइन के 24 खंभों से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन और एलटी लाइन के बिजली के तार काटकर चोरी कर लिए। चोरों ने उस बिजली लाइन को भी नहीं छोड़ा, जिसे विभाग ने महज 3 दिन पहले जोड़कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू की थी।
जानकारी के अनुसार, छपकौली गांव में ट्यूबवेलों को बिजली आपूर्ति करने वाली लाइन के 24 खंभों से चोर तार काटकर ले गए। हाईटेंशन और एलटी लाइन के तार चोरी होने से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने 3 दिन पहले ही लाइन को जोड़कर बिजली सप्लाई बहाल की थी, लेकिन चोरों ने कुछ ही समय बाद उसे फिर से काटकर चोरी कर लिया।
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों के भीतर बिजली लाइन चोरी होने की यह दूसरी बड़ी वारदात है। लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय किसानों में बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार बिजली लाइन चोरी होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली लाइन चोरी होने का सीधा असर छपकौली और आसपास के किसानों पर पड़ा है। लाइन कटने से करीब 30 ट्यूबवेल पूरी तरह से ठप हो गए हैं। इस समय फसलों को पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसानों के सामने सिंचाई का गहरा संकट खड़ा हो गया है। किसानों को चिंता है कि अगर जल्द ही बिजली लाइन दोबारा नहीं जोड़ी गई, तो उनकी मेहनत से सींची गई फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर बाबूगढ़ थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मौके का मुआयना किया। पुलिस ने पीड़ित किसानों और बिजली विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि चोरों की धरपकड़ के लिए टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 10 दिनों के भीतर बिजली लाइन चोरी की दूसरी बड़ी घटना और 24 खंभों से तार चोरी होने के कारण किसानों के सामने बिजली और सिंचाई का संकट गहरा गया है।