तस्वीर में पुलिस वर्दी पहने हापुड़ के एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह नजर आ रहे हैं।

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में पुरानी रंजिश को लेकर 4 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, पथराव और खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक (SP) कुवर ज्ञानंजय सिंह ने नगर कोतवाल मनीष चौहान को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, CO सिटी अनीता चौहान को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इसके अलावा नगोला चौकी इंचार्ज जगत पाल और कांस्टेबल मोनू मलिक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

शुक्रवार सुबह 4 सितंबर को बदनौली गांव में करीब दो साल पुराने विवाद और पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान दबंगों ने गांव में सरेआम लाठी-डंडों से हमला करने के साथ पथराव किया और कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की। फायरिंग और पथराव में एक महिला मुनेश समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में विजय उर्फ बंटी और दीपक उर्फ गोलू को गोली लगी थी। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेरठ हायर सेंटर अस्पताल के लिए रेफर किया गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ रेंज के एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, हापुड़ की डीएम कविता मीना और एसपी ने गांव का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एडीजी भानु भास्कर ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की जिम्मेदारी मेरठ एसपी देहात को सौंपी गई है और उसे तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

हापुड़ पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में BNS और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दबिश देकर बदनौली फाटक के पास से फायरिंग के पांच मुख्य आरोपियों संदीप, जगदीश, विपिन, सचिन और कपिल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद हुई है।

बदनौली गांव में जातीय तनाव और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अभी भी भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात है। आला अधिकारी पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच विवाद पुराना था और पहले भी धमकियां दी जा रही थीं। स्थानीय पुलिस द्वारा समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई न करने को एसपी ने बड़ी लापरवाही माना, जिसके बाद CO सिटी, कोतवाल, चौकी इंचार्ज और सिपाही पर कार्रवाई की गई।

पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी या लापरवाही बरतने वाले कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। बदनौली फायरिंग कांड में आरोपियों की गिरफ्तारी, हथियार और वाहन की बरामदगी के बाद अब एसआईटी की तीन दिन में आने वाली रिपोर्ट पर भी नजर रहेगी।

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