ब्रिक्स सम्मेलन: दिल्ली मुख्य सचिव ने आईजीआई एयरपोर्ट से भारत मंडपम मार्ग का किया निरीक्षण
आगामी ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश, सड़कों की मरम्मत, जलभराव और यातायात व्यवस्था को समयबद्ध दुरुस्त करने पर जोर।
तस्वीर में राष्ट्रपति भवन के पास लगे ब्रिक्स ब्रांडिंग पोस्टरों के बीच पुलिस सुरक्षा तैनात है।
नई दिल्ली। आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर दिल्ली सरकार और प्रशासनिक एजेंसियां एक्शन मोड में आ गई हैं। शनिवार को दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय दल ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भारत मंडपम तक मुख्य मार्ग का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात, सड़कों की स्थिति, जलभराव, गड्ढों, साफ-सफाई और ब्रिक्स से जुड़ी विशेष ब्रांडिंग समेत व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान सड़कों की स्थिति और गड्ढों की मरम्मत के साथ फुटपाथ, जल निकासी व्यवस्था तथा जलभराव वाले संभावित बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से सुगम यातायात प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। वहीं, डायल और एनएचएआई के अधिकारियों को हवाई अड्डे के आसपास तथा हाईवे क्षेत्र में सभी व्यवस्थाएं पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून और संभावित बारिश को देखते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पूरे मार्ग की जल निकासी प्रणाली की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में पानी निकालने के त्वरित उपाय सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। एनडीएमसी के अध्यक्ष को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले उन इलाकों का विशेष निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है, जहां विदेशी गणमान्य अतिथि ठहरेंगे और मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
एमसीडी आयुक्त को निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मार्गों पर साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने, सौंदर्यीकरण और आवारा पशुओं के प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सड़कों के गड्ढे भरने, साइनबोर्ड्स दुरुस्त करने और स्ट्रीट लाइटों की प्रकाश व्यवस्था की जांच कर सुधारात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले एयरपोर्ट से भारत मंडपम तक के प्रमुख मार्ग पर यातायात, जल निकासी, सड़क, स्वच्छता, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से दुरुस्त करना प्रशासन की प्राथमिकता के तौर पर सामने आया है।