एटा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा-1897 ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, सवर्ण आयोग की मांग
एटा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा-1897 ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर UGC आरक्षण प्रावधानों में पुनर्विचार/रोलबैक और सवर्ण आयोग गठन की मांग की। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए समान अवसर का मुद्दा उठाया।
तस्वीर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारी एटा में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
एटा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा-1897 की ओर से 31-08-26 को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर UGC के आरक्षण प्रावधानों में पुनर्विचार/रोलबैक और सवर्ण आयोग के गठन का मुद्दा उठाया गया।
जिलाध्यक्ष ठा. मानवेन्द्र सिंह चौहान ने दिनांक 31-08-26 को महामहिम राष्ट्रपति के नाम यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से UGC के आरक्षण प्रावधानों में पुनर्विचार/रोलबैक की मांग रखी गई।
ज्ञापन में सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण, किसान और मजदूर परिवारों को शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही इन परिवारों और समाज से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग उठाई गई।
महासभा ने ज्ञापन के जरिए सवर्ण समाज से जुड़े आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। ज्ञापन में शिक्षा और रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग की गई।
इस तरह 31-08-26 को राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में UGC के आरक्षण प्रावधानों में पुनर्विचार/रोलबैक और सवर्ण आयोग के गठन की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।