मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा में मनमानी पर भड़के भाजपा विधायक, एआरएम पर लगाए गंभीर आरोप
अलीगंज में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की तीन बसें खड़ी मिलने पर भाजपा विधायक भड़के, एआरएम पर लगाए गंभीर आरोप और शिकायत की बात कही।
तस्वीर में अलीगंज बस स्टैंड पर ग्रामीण बस के पास एक व्यक्ति लोगों से बातचीत करता दिख रहा है, जबकि आसपास कई लोग और बसें मौजूद हैं।
एटा जिले के अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के संचालन में कथित मनमानी का मामला सामने आने के बाद भाजपा विधायक ठाकुर सत्यपाल सिंह राठौर ने अलीगंज स्थित रोडवेज बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। बस स्टैंड पर एक साथ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की तीन बसें खड़ी मिलने पर विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने एक-एक कर बसों का निरीक्षण किया और चालकों तथा कंडक्टरों को तय स्थान से बसों का संचालन नहीं करने पर जमकर फटकार लगाई।
दरअसल, क्षेत्रीय प्रधानों और नगर पंचायत के अध्यक्ष की ओर से विधायक अलीगंज को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। खासकर राजा का रामपुर और अमरोली रतनपुर गांव से संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के अंतर्गत संबद्ध बसों का तय समय पर संचालन नहीं होने तथा मनमाने ढंग से अलीगंज से एटा तक बसें चलाने की शिकायत की जा रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भाजपा विधायक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान एक ही समय पर तीन मुख्यमंत्री ग्रामीण बसें अलीगंज बस स्टैंड पर खड़ी मिलीं। यह देखकर विधायक ने पहले दूरभाष पर एआरएम से मामले की शिकायत की। विधायक के अनुसार, एआरएम ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद विधायक ने बसों के चालकों और कंडक्टरों को जमकर लताड़ लगाई और तय स्थान से बसों का संचालन करने की हिदायत दी।
विधायक ने इस दौरान एआरएम नरेश गुप्ता की भी संलिप्तता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों और शासन से की जाएगी।
भाजपा विधायक सत्यपाल सिंह राठौर ने कहा कि ग्रामीण बस सेवा इसलिए शुरू की गई थी, ताकि ग्रामीणों को इस योजना का लाभ मिल सके और ग्रामीण इलाकों से यात्रा सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि अमरोली और राजा का रामपुर से दो-दो चक्कर लगाने पड़ेंगे। एटा से अमरोली और अमरोली से एटा बस सेवा संचालित होनी चाहिए।
विधायक ने कहा कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बसें खड़ी हुई थीं और रोडवेज बस स्टैंड का फायदा उठाकर अलीगंज से एटा तक बसें चलाई जा रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एआरएम की मिलीभगत से मुख्यमंत्री की इस योजना को पलीता लगाया जा रहा है और मनमाने ढंग से बसों का संचालन किया जा रहा है। विधायक के अनुसार, यह पूरा काम नियमों के विरुद्ध है और सरकार की मंशा के विपरीत किया जा रहा है।
विधायक ने बताया कि राजा का रामपुर चेयरमैन, विल्सर तथा अमरोली रतनपुर गांव के प्रधानों ने उनसे शिकायत की थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर वे आज व्यवस्था परखने के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के बाद विधायक ने संबंधित बस संचालकों को तय व्यवस्था के अनुसार सेवा संचालित करने की हिदायत दी और मामले को उच्चाधिकारियों तथा शासन के समक्ष उठाने की बात कही।