तस्वीर में पुलिसकर्मी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस कार्रवाई करते दिख रहे हैं।

चंदौली में नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने, अश्लील वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर रुपये वसूलने वाले गिरोह का मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने सर्विलांस टीम की मदद से पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, बैंक पासबुक-चेकबुक, वाईफाई डिवाइस और दो वाहन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाओं को नौकरी या मकान दिलाने के बहाने रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान पर ले जाते थे। वहां उन्हें बंधक बनाकर अश्लील वीडियो बनाया जाता था। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता और उसके परिजनों से फिरौती मांगी जाती थी। गिरोह में शामिल महिला आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराती-धमकाती थी।

मामला 27 अगस्त को सामने आया, जब दो महिलाओं ने मुगलसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई। एक महिला ने आरोप लगाया कि 14 मई को उसे करीब दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान परिजनों से 30 हजार रुपये मंगवाए गए और फोन-पे के जरिए करीब 75 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए गए।

दूसरी पीड़िता ने 16 अगस्त की घटना बताते हुए आरोप लगाया कि उसे बंधक बनाकर उसका वीडियो बनाया गया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। उसके खाते से भी फोन-पे के जरिए 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।

जांच के दौरान पुलिस के सामने गिरोह के सरगना विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक, वह पूर्व में ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा से जुड़ा था। वर्ष 2023 में एक महिला से ठगी के बाद उसने अपने भाई, पत्नी और परिचित के साथ मिलकर इस तरह का गिरोह बनाया।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार को डहिया-बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान विजय कुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, विशम्भर महिलाओं को मकान दिखाने के बहाने ठिकाने तक पहुंचाता था, जबकि अंजली खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें धमकाती थी।

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अब तक शिकार बनाई गई महिलाओं की जानकारी जुटा रही है। मामले में संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह की गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आने की संभावना है।

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