बुलंदशहर राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.44 लाख मामलों का हुआ निस्तारण
जनपद न्यायाधीश संजय सिंह के नेतृत्व में आयोजित लोक अदालत में आपसी सहमति से 1.31 लाख प्री-लिटिगेशन और 13,256 अदालती विवाद सुलझाए गए।
तस्वीर में बुलंदशहर लोक अदालत के शुभारंभ पर मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित किए जा रहे हैं।
बुलंदशहर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1,44,454 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 1,31,198 प्री-लिटिगेशन वाद शामिल रहे, जबकि न्यायालयों द्वारा 13,256 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय बुलंदशहर, बाह्य स्थित न्यायालय खुर्जा व अनूपशहर, ग्रामीण न्यायालय स्याना व डिबाई तथा जनपद की सभी तहसीलों में किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद सुलह-समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकृति के मामलों का निस्तारण किया गया।
निस्तारित मामलों में आपराधिक मामले, परिवार न्यायालय के वैवाहिक वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, सिविल वाद, विद्युत वाद और बैंक संबंधी प्री-लिटिगेशन वाद सहित अन्य प्रकृति के वाद शामिल रहे। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया। आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय और धन की बचत हुई।
इस अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार, प्रधान परिवार न्यायाधीश नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला जज धीरेन्द्र कुमार, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अनिल कुमार-XIII, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शीशपाल सिंह, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव विकास चौधरी, सिविल बार एसोसिएशन के सचिव रणधीर सिंह यादव तथा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के सचिव धर्मेन्द्र खालौर सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर जनपद न्यायाधीश संजय सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों, बैंक व बीमा कंपनियों के अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों का आभार जताया। अगली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 दिसंबर 2026 को किया जाएगा।