तस्वीर में बरेली की एक रिहायशी गली में बारिश के कारण चारों तरफ भरा हुआ पानी और डूबी हुई सड़कें नजर आ रही हैं।   

बरेली में पिछले 30 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के बाद शहर के पॉश इलाकों से लेकर पुराने घनी आबादी वाले मोहल्लों तक जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के कारण स्मार्ट सिटी बरेली के रामपुर गार्डन, मॉडल टाउन और राजेंद्र नगर जैसे वीआईपी और पॉश इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

पुराने शहर के मलूकपुर, जसौली, दरगाह आला हजरत मोड़, बमनपुरी और सौदागरान जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी जलभराव के हालात बने हुए हैं। कई प्रमुख सड़कों पर पानी इतना भर गया है कि वे पूरी तरह डूबी हुई नजर आ रही हैं।

राजेंद्र नगर के दुकानदार अखिलेश पाठक ने बताया कि सड़कों पर घुटनों तक पानी भरने के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते आवागमन ठप हो गया है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

बारिश और जलभराव का सबसे अधिक नुकसान व्यापारियों को उठाना पड़ा है। राजेंद्र नगर चौराहा स्थित जय दुर्गा मार्केट की निचली दुकानों में पानी घुस गया। व्यापारी संजय शर्मा और धर्मेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि दुकानों में पानी भरने से लाखों का सामान खराब होने का खतरा है। जलभराव के कारण लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है।

स्थानीय दुकानदारों और व्यापार मंडल ने नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है। व्यापारियों ने महाराणा प्रताप चौराहा पर पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंडल ने शहर के पुराने और नए क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए निगम प्रशासन से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या नई नहीं है। हर साल बारिश के दिनों में इन मोहल्लों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। लोगों के अनुसार नगर निगम द्वारा नालों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार ऐसी स्थिति बनती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि नगर निगम इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मास्टर प्लान तैयार करे, ताकि उन्हें हर बारिश में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।

Tags: