उदयपुर के पीटीएस मोरवनिया में पर्यावरण संरक्षण समझौते पर हस्ताक्षर करते अधिकारी और प्रतिनिधि।

उदयपुर, 1 सितंबर। अरावली क्षेत्र के पारिस्थितिकीय संतुलन को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पीटीएस मोरवनिया में बड़ी पहल शुरू की गई है। ग्रीन पीपल सोसाइटी (जीपीएस), उदयपुर और पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), मोरवनिया के बीच पारिस्थितिकी तंत्र बहाली, मृदा एवं जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एमओयू पर पीटीएस की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियति शर्मा तथा ग्रीन पीपल सोसाइटी की ओर से अध्यक्ष राहुल भटनागर ने हस्ताक्षर किए। परियोजना के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए अर्पण सेवा संस्थान को क्रियान्वयन साझेदार तथा मिराज ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज को सीएसआर साझेदार बनाते हुए त्रिपक्षीय एमओयू भी किया गया।

ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर ने बताया कि समझौते के तहत आगामी तीन वर्षों में पीटीएस मोरवनिया की लगभग 4,500 मीटर लंबी परिसर सीमा एवं प्रशिक्षण मैदानों में 5,000 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ अरावली क्षेत्र के पारिस्थितिकीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।

उन्होंने बताया कि देशी पौधों के व्यापक रोपण से सूक्ष्म जलवायु में सुधार, मृदा संरक्षण, जल संरक्षण तथा धूल एवं शोर से सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल आने वाले वर्षों में पीटीएस परिसर को समृद्ध हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियति शर्मा ने कहा कि वनों की लगातार कटाई, जैव विविधता में कमी और जल संकट जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में प्रकृति एवं पर्यावरण का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पीटीएस मोरवनिया में शुरू की गई पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और पुनर्स्थापना की दिशा में दीर्घकालिक प्रयास है।

उन्होंने इस पहल को अन्य सरकारी एवं निजी संस्थानों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए कहा कि सामूहिक सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

ग्रीन पीपल सोसाइटी के श्याम दवे ने पीटीएस परिसर में नर्सरी विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नर्सरी के माध्यम से रोपे गए पौधों के बीच होने वाली गैप फिलिंग के लिए पौधे उपलब्ध रहेंगे तथा आगामी वृक्षारोपण सीजन के लिए भी पौधे तैयार किए जा सकेंगे। उन्होंने ग्रामीणों को भी निःशुल्क पौधे उपलब्ध करवाकर उन्हें अपने गांवों को हरा-भरा बनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे वृक्षारोपण अभियान को परिसर से बाहर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा सकेगा।

कार्यक्रम में सुहेल मजबूर ने सभी उपस्थित अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मिराज ग्रुप, अर्पण सेवा संस्थान और ग्रीन पीपल सोसाइटी के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कार्य संभव हो रहा है। उन्होंने इस पहल में सहयोग के लिए मिराज ग्रुप से श्री विनोद कुमार, अर्पण सेवा संस्थान से या शंकर, ग्रीन पीपल सोसाइटी से श्याम दवे, प्रताप सिंह चुंडावत, डॉ. ललित जोशी, इस्माइल अली दुर्गा, डॉ. इंद्रजीत माथुर एवं जगमाल सिंह सहित सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। पीटीएस मोरवनिया में हुआ यह समझौता अगले तीन वर्षों में 5,000 से अधिक देशी पौधों के रोपण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

Tags: