तस्वीर में राजकीय कन्या महाविद्यालय खेरवाड़ा के हॉल में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दौरान बैठी छात्राएं और मंच पर मौजूद वक्ता नजर आ रहे हैं।

खेरवाड़ा, राजकीय कन्या महाविद्यालय खेरवाड़ा में चल रहे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के तहत सोमवार को विधिक जानकारी पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर प्रवीण पण्ड्या ने की, जबकि संचालन डॉ. वंदना सांखला ने किया।

व्याख्यान में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की कांस्टेबल सुगना गरासिया एवं संगीता ढिंढोर मुख्य वक्ता रहीं। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को निजी प्रतिरक्षा के अधिकार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। आत्मरक्षा का उद्देश्य स्वयं को या किसी अन्य व्यक्ति को आसन्न खतरे से बचाना है। इसके लिए बल का प्रयोग परिस्थिति के अनुरूप और आवश्यक सीमा तक ही किया जाना चाहिए।

शिविर के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को छेड़छाड़, पीछा करना, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा तथा अन्य अपराधों की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।

किसी आपात स्थिति में पुलिस तथा अन्य सहायता सेवाओं से संपर्क करने के तरीके भी बताए गए। साथ ही सोशल मीडिया और मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर अपराधों से सावधान रहने के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में सभी संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के साथ विधिक जानकारी दिए जाने से प्रतिभागियों को सुरक्षा से जुड़े अधिकारों, सावधानियों और उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी मिली।

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