उदयपुर में जनवादी मजदूर यूनियन का संभागीय सम्मेलन संपन्न, मजदूर कानूनों में बदलाव पर उठाए सवाल
उदयपुर में अक्टूबर क्रांति दिवस पर जनवादी मजदूर यूनियन का संभागीय सम्मेलन संपन्न हुआ। मजदूर कानूनों, ठेका प्रथा, गिग वर्कर्स और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ सात प्रस्ताव पारित किए गए और नई संभागीय कमेटी चुनी गई।
उदयपुर में आयोजित जनवादी मजदूर यूनियन के संभागीय सम्मेलन का दृश्य।
अक्टूबर क्रांति दिवस के अवसर पर जनवादी मजदूर यूनियन का संभागीय सम्मेलन 2026 संपन्न हुआ। सम्मेलन में मजदूरों के अधिकारों, श्रम कानूनों में बदलाव, ठेका प्रथा, गिग वर्कर्स की समस्याओं और आदिवासियों पर कथित दमन सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रसिद्ध ट्रेड यूनियनिस्ट राजेंद्र मेनारिया ने सम्मेलन में कहा कि विदेशी कंपनियों के फायदे के लिए मजदूर कानून बदले गए हैं और उच्चतम न्यायालय के माध्यम से भी मजदूर विरोधी फैसले किए जा रहे हैं।
राजेंद्र मेनारिया ने कहा कि कॉरपोरेट कंपनियों में मजदूरों के नाम पर टेक्नीशियन भर्ती किए जा रहे हैं, जिन्हें ट्रेड यूनियन के अधिकार नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि अधिकतर काम ठेके पर दिए जाने के कारण मजदूरों को अधिकारों से वंचित रहना पड़ता है।
सम्मेलन के प्रथम सत्र में मजदूर किसान हक संगठन की ओर से शांतिलाल आहरी और जागरूक युवा एवं विद्यार्थी संगठन के प्रवीण ने अपने विचार रखे। विजयपाल ने गिग वर्कर्स की समस्याओं पर चर्चा की, जबकि वी वी रामजी ने नरेगा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता बताई। सत्र की शुरुआत में यूनियन के डी. एस. पालीवाल ने अक्टूबर क्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे मेहनतकशों की मुक्ति का मार्ग बताया।
सम्मेलन के दूसरे सत्र में सचिव जयंतीलाल मीणा ने पिछले सालों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद आलोचना-आत्मालोचना सत्र आयोजित हुआ, जिसमें नाना भगत, सोमेश्वर मीणा, नरेंद्र बागड़ी और शंकर मीणा ने चर्चा में भाग लिया। इसके बाद वित्त सचिव शांतिलाल डामोर ने हिसाब-किताब प्रस्तुत किया।
द्वितीय सत्र के अंत में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के आंदोलनों का समर्थन करते हुए देश-दुनिया से संबंधित सात प्रस्ताव पारित किए गए। सम्मेलन में सांप्रदायिक और जातिवादी गुंडागर्दी की भर्त्सना की गई। इसके साथ ही वेदांता-अडानी के हितों के लिए आदिवासियों पर किए जा रहे दमन के विरोध में भी प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन के समापन पर जनवादी मजदूर यूनियन की नौ सदस्यीय संभागीय कमेटी का गठन किया गया। इसमें डालचंद मेघवाल को अध्यक्ष, मोहम्मद खुर्शीद को उपाध्यक्ष, जयंतीलाल मीणा को सचिव, हाजाराम को संयुक्त सचिव और बंसीलाल परमार को कोषाध्यक्ष चुना गया। नाना भगत, ईश्वरलाल और भगवती भाई को सदस्य तथा नरेंद्र बागड़ी को संरक्षक चुना गया।
सम्मेलन के सभी सत्रों का संचालन डी. एस. पालीवाल ने किया, जबकि अध्यक्ष डालचंद मेघवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। छह घंटे तक चले सम्मेलन का समापन “हम मेहनतकश जग वालों से जब अपना हिस्सा मांगेंगे” गीत और “अक्टूबर क्रांति अमर रहे” तथा “दुनिया के मजदूर एक हो” जैसे नारों के साथ हुआ। सम्मेलन में नयागांव, खेरवाड़ा, ऋषभदेव, उदयपुर और डूंगरपुर के 60 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन की जानकारी जनवादी मजदूर यूनियन, उदयपुर संभाग, उदयपुर के सचिव जयन्ती लाल मीणा ने प्रेषित की।