सनवाड़ स्कूल में संस्कृत, गणित और विज्ञान शिक्षकों के पद खाली, पढ़ाई प्रभावित
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सनवाड़ में व्याख्याता और वरिष्ठ अध्यापकों की कमी से बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थी परेशान, अभिभावकों ने की नियुक्ति की मांग।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सनवाड़ में लंबे समय से महत्वपूर्ण शिक्षकीय पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय में संस्कृत साहित्य व्याख्याता का पद रिक्त होने के साथ-साथ गणित एवं विज्ञान विषय के वरिष्ठ अध्यापक के पद भी खाली हैं। इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने से विशेष रूप से बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विद्यालय में कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों का पर्याप्त शिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए इन विषयों का नियमित अध्ययन और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन आवश्यक माना जाता है, लेकिन रिक्त पदों के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होंगे तो बोर्ड परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार करना कठिन होगा। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विद्यालयों में रिक्त पदों की समय पर पूर्ति किए बिना इन प्रयासों का पूरा लाभ मिलना संभव नहीं है।
विद्यालय में शिक्षकों की कमी का असर केवल वर्तमान विद्यार्थियों की पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नए प्रवेश (नामांकन) पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश ऐसे विद्यालयों में दिलाना पसंद करते हैं, जहां सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हों। ऐसे में रिक्त पदों के कारण विद्यालय के नामांकन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सनवाड़ में रिक्त पड़े संस्कृत व्याख्याता तथा गणित एवं विज्ञान के वरिष्ठ अध्यापकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सके, बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार आए और विद्यालय में नामांकन भी बढ़ सके।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन पदों को नहीं भरा गया तो इसका सीधा नुकसान विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लेकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।